Lucknow News: उत्तर प्रदेश पुलिस के शीर्ष प्रशासनिक ढांचे में आने वाले कुछ महीने बड़े बदलावों के गवाह बनने वाले हैं। डीजी रैंक के कई महत्वपूर्ण पदों के खाली होने और लगातार हो रही वरिष्ठ अधिकारियों की सेवानिवृत्ति ने एक बड़े फेरबदल की जमीन तैयार कर दी है। विभाग में वर्तमान स्थिति यह है कि कई शीर्ष पदों पर नए अधिकारियों की तैनाती होनी है, जबकि पदोन्नत हो चुके कई आईपीएस अधिकारी अपनी नई जिम्मेदारियों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
नीरा रावत की सेवानिवृत्ति से बढ़ी रिक्तियां
हाल ही में डीजी नीरा रावत के रिटायर होने के बाद पुलिस महकमे में स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो गई है। उनके कार्यमुक्त होते ही आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और प्रदेश की महत्वपूर्ण आपातकालीन सेवा ‘यूपी 112’ के दोनों शीर्ष पद खाली हो गए हैं। हालांकि, कानपुर जोन के एडीजी आलोक सिंह को डीजी पद पर पदोन्नति दे दी गई है, लेकिन अभी उन्हें पूर्ण जिम्मेदारी मिलना शेष है। इससे शीर्ष स्तर पर नई नियुक्तियों का दबाव सरकार पर बढ़ गया है।
प्रमोशन के बाद भी नई जिम्मेदारी का इंतजार
पुलिस विभाग के गलियारों में चर्चा है कि मार्च महीने में ही तीन वरिष्ठ अधिकारियों प्रकाश डी, जय नारायण सिंह और एलवी एंटनी देव कुमार को डीजी रैंक पर पदोन्नत कर दिया गया था। इसके बावजूद, ये तीनों अधिकारी अभी भी अपने पुराने पदों पर ही काम कर रहे हैं। इनके अलावा डीजी होमगार्ड और डीजी इंटेलिजेंस जैसे संवेदनशील पद भी काफी समय से खाली पड़े हैं, जिनका कार्यभार अन्य अधिकारियों के पास अतिरिक्त प्रभार के रूप में है।
मई और जून में होने वाले रिटायरमेंट बदलेंगे समीकरण
आने वाले महीनों में सेवानिवृत्तियों का सिलसिला जारी रहने वाला है, जिससे प्रशासनिक संतुलन बनाना और भी जरूरी हो जाएगा। मई में एलवी एंटनी देव कुमार और जून में डीजी आलोक शर्मा रिटायर होने वाले हैं। इसके बाद एडीजी मुथा अशोक जैन को डीजी पद पर प्रमोट किया जा सकता है। वहीं, लखनऊ के पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र सिंह सेंगर भी पदोन्नति की इस दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि योगी सरकार मई के अंत तक इन सभी रिक्तियों पर बड़े फैसले ले सकती है।
