Himachal News: हिमाचल प्रदेश में ‘बेटी है अनमोल’ योजना को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। भाजपा ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर बेटियों की शिक्षा की अनदेखी करने का बड़ा आरोप लगाया है। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता बलदेव तोमर का कहना है कि पिछले तीन वर्षों से इस योजना के तहत दी जाने वाली छात्रवृत्ति बंद पड़ी है। इससे गरीब परिवारों की मेधावी छात्राओं को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार की इस कथित लापरवाही ने हजारों बेटियों की आगे की पढ़ाई पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।
3 साल का इंतजार और छात्राओं की बढ़ती मुसीबतें
भाजपा प्रवक्ता बलदेव तोमर ने वीरवार को जारी एक कड़े बयान में कहा कि यह योजना बीपीएल परिवारों की बेटियों के लिए संजीवनी थी। इसके माध्यम से छात्राओं को शिक्षा के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया जाता था। हालांकि, वर्तमान सरकार के कार्यकाल में इसका लाभ जमीनी स्तर पर नहीं पहुंच रहा है। हजारों लाभार्थियों को सालों से छात्रवृत्ति की राशि नहीं मिली है। भाजपा ने सरकार से पूछा है कि क्या बेटियों की शिक्षा उनकी प्राथमिकताओं की सूची में शामिल है या नहीं।
मदद की छोटी राशि और गरीब परिवारों का संघर्ष
इस योजना के अंतर्गत बीपीएल परिवारों की छात्राओं को 500 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक की वार्षिक सहायता मिलती है। बलदेव तोमर के अनुसार, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह छोटी राशि भी बहुत मायने रखती है। इसमें देरी होने से छात्राओं की किताबों, वर्दी और स्कूल की अन्य जरूरतों पर सीधा असर पड़ रहा है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि विभागों द्वारा बजट की मांग किए जाने के बावजूद सरकार फंड जारी करने में जानबूझकर देरी कर रही है।
सिर्फ नाम बदलने और नई घोषणाओं का खेल
भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह योजनाओं के नाम बदलकर अपनी नाकामियां छिपा रही है। उन्होंने ‘इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना’ का उदाहरण देते हुए कहा कि नई घोषणाएं तो खूब हो रही हैं, लेकिन पैसा किसी के खाते में नहीं पहुंच रहा। बलदेव तोमर के मुताबिक, सरकार केवल महिला सशक्तिकरण की बातें कर रही है। हकीकत में वह पुरानी कल्याणकारी योजनाओं का गला घोंट रही है। इससे आम जनता और खासकर छात्राओं में भारी रोष व्याप्त है।
भाजपा ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
बीजेपी ने मांग की है कि रुकी हुई सभी छात्रवृत्तियां तुरंत जारी की जाएं। योजना के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को तत्काल दूर किया जाना चाहिए। भाजपा ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो पार्टी चुप नहीं बैठेगी। भाजपा बेटियों के हक के लिए प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन शुरू करेगी। फिलहाल इस पूरे विवाद पर राज्य सरकार या संबंधित विभाग की ओर से कोई भी आधिकारिक सफाई या प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है।


