Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश विधानसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर जमकर राजनीतिक घमासान हुआ। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने विपक्ष से हाथ जोड़कर इस ऐतिहासिक विधेयक का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से समाजवादी पार्टी को निशाने पर लेते हुए कहा कि वे अपनी घर-परिवार की बहन-बेटियों के सम्मान के लिए आगे आएं। इस दौरान ब्रजेश पाठक ने गेस्ट हाउस कांड का जिक्र कर सदन का तापमान बढ़ा दिया, जिससे विपक्षी खेमे में काफी शोर-शराबा देखने को मिला।
सपा के पीडीए पर तंज और पुराने जख्म
उपमुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के ‘PDA’ फॉर्मूले पर तंज कसते हुए इसका नया अर्थ ‘परिक्रमा देत अल्पसंख्यक’ बताया। उन्होंने सपा शासनकाल की घटनाओं को सिलसिलेवार ढंग से सदन के सामने रखा और नारी सशक्तीकरण के मुद्दे पर घेरा। ब्रजेश पाठक ने आरोप लगाया कि सपा नेताओं के बयानों और उनके पिछले रिकॉर्ड से साफ है कि वे महिलाओं के प्रति गंभीर नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष जानबूझकर इस महत्वपूर्ण कानून की राह में रोड़े अटका रहा है।
कांग्रेस ने उठाए आरक्षण की नीयत पर सवाल
दूसरी ओर, कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने भाजपा सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि जब यह विधेयक 2023 में ही पास हो चुका है, तो इसे अब तक लागू क्यों नहीं किया गया? कांग्रेस ने परिसीमन की शर्त को अनावश्यक बताते हुए कहा कि भाजपा असल में आरक्षण देना ही नहीं चाहती। आराधना मिश्रा ने चुनौती दी कि क्या भाजपा या संघ कभी किसी महिला को अपना प्रमुख या प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनाने का साहस दिखाएंगे?
संजय निषाद और आशीष पटेल का विपक्ष पर पलटवार
कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने विपक्ष की हूटिंग के बीच कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जितना उन्हें बोलने से रोका जाएगा, विपक्ष को उतना ही चुनावी नुकसान होगा। उन्होंने निषाद और राजभर जातियों को ’24 कैरेट राष्ट्रवादी’ बताते हुए कहा कि आरक्षण महिलाओं का अधिकार है, भीख नहीं। वहीं, अपना दल (एस) के नेता आशीष पटेल ने कहा कि महिलाओं ने पिछले चुनावों में विपक्ष का ‘गर्दा उड़ा दिया’ है। उन्होंने एआई (AI) के युग में इस मुद्दे के लटके रहने पर दुख जताया।
विधानसभा में छह महत्वपूर्ण अध्यादेश पेश
सदन की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में कई अहम विधायी कार्य संपन्न हुए। सरकार ने शीतकालीन सत्र के बाद से अब तक जारी किए गए छह अध्यादेशों को सदन के पटल पर रखा। इनमें उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता संशोधन, लोक सेवा अधिकरण और निजी विश्वविद्यालय संशोधन जैसे महत्वपूर्ण अध्यादेश शामिल हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महामंत्री ने भी दर्शक दीर्घा से मुख्यमंत्री का महिला सशक्तीकरण पर दिया गया संबोधन सुना।


