Himachal News: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में संगठन को लेकर कड़े तेवर दिखाए हैं। उन्होंने तीन राज्यों के जिला अध्यक्षों के सम्मेलन में स्पष्ट किया कि अब ‘वीआईपी कल्चर’ के लिए पार्टी में कोई जगह नहीं है। राहुल गांधी ने नेताओं को आम आदमी की आवाज बनने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि स्थानीय मुद्दों के लिए प्रदेश कार्यकारिणी के निर्देशों का इंतजार न करें और खुद पहल करें।
प्रदर्शन के आधार पर होगा ‘जोन’ निर्धारण
राहुल गांधी ने संगठन में जवाबदेही तय करने के लिए एक नई समीक्षा प्रणाली लागू करने की घोषणा की है। इसके तहत जिला और ब्लॉक अध्यक्षों के कार्यों की हर तीन महीने में तीन स्तर पर गहन समीक्षा होगी। प्रदर्शन के आधार पर पदाधिकारियों को ग्रीन, येलो और रेड जोन में बांटा जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जो नेता संगठन के हित में बेहतर परिणाम नहीं देंगे, उन्हें पद छोड़ना होगा। अगर वे खुद इस्तीफा नहीं देते हैं, तो आलाकमान उन्हें पद से हटा देगा।
जिलाध्यक्षों के लिए सुनहरा भविष्य और नई नीति
कांग्रेस संगठन में अब जिला अध्यक्षों की भूमिका सबसे अहम होने वाली है। राहुल गांधी ने बड़ा एलान करते हुए कहा कि भविष्य में प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष का चयन जिला अध्यक्षों के बीच से ही किया जाएगा। केवल प्रदेश अध्यक्ष ही नहीं, बल्कि लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा टिकटों के लिए भी जिला अध्यक्षों की कार्यप्रणाली को मुख्य पैमाना माना जाएगा। उन्होंने राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे जमीनी काम का फल मिलता है।
मार्शल आर्ट और मानसिक अनुशासन का पाठ
राहुल गांधी ने सृजन प्रशिक्षण शिविर में जिलाध्यक्षों को केवल राजनीति ही नहीं, बल्कि शारीरिक फिटनेस का मंत्र भी दिया। उन्होंने करीब 50 मिनट तक जापानी मार्शल आर्ट ‘जू-जुत्सू’ का अभ्यास करवाया। राहुल गांधी खुद इस कला में ब्लू बेल्ट प्राप्त प्रशिक्षित खिलाड़ी हैं। उन्होंने संदेश दिया कि एक सफल नेता के लिए मानसिक अनुशासन और शारीरिक मजबूती अनिवार्य है। जू-जुत्सू के माध्यम से उन्होंने सिखाया कि कैसे प्रतिद्वंद्वी की ताकत का उपयोग उसे मात देने के लिए किया जाता है।
छात्र संघ चुनाव और जनसेवा पर जोर
शिविर के दौरान राहुल गांधी ने छात्र राजनीति को लेकर भी अहम चर्चा की। उन्होंने राज्य सरकार को छात्र संघ चुनाव फिर से शुरू करने के लिए सकारात्मक रुख अपनाने को कहा। राहुल ने नेताओं से आह्वान किया कि वे ‘राजनीति से प्रेरित सेवा’ के बजाय ‘जनसेवा से प्रेरित राजनीति’ को अपनाएं। उन्होंने समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक संगठन की पहुंच सुनिश्चित करने की बात कही। शिविर के समापन पर मुख्यमंत्री सुक्खू और कई दिग्गज कांग्रेसी नेता मौजूद रहे।
भावुक पल और मणिमहेश का निमंत्रण
राहुल गांधी ने शिविर में हिस्सा लेने वाले 61 जिला अध्यक्षों के परिवारों के साथ व्यक्तिगत रूप से फोटो खिंचवाई। यह कदम कार्यकर्ताओं के साथ उनके भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाता है। इसी बीच, चंबा के जिलाध्यक्ष सुरजीत भरमौरी ने उन्हें पवित्र मणिमहेश की तस्वीर भेंट की। उन्होंने राहुल को भरमौर क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया और मणिमहेश यात्रा के लिए आमंत्रित भी किया। राहुल गांधी ने इस निमंत्रण को स्वीकार करते हुए यात्रा पर आने की सहमति जताई है।
