Muzaffarpur News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में अपराधियों पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष अभियान और कुर्की की कड़ी कार्रवाई के दबाव में आकर दो शातिर बदमाशों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। सरेंडर करने वालों में हथौड़ी थाने का कुख्यात अपराधी प्रेम कुमार सिंह उर्फ ‘टाइगर’ और कांटी क्षेत्र का विकास कुमार शामिल है। दोनों अपराधी लंबे समय से गंभीर मामलों में फरार चल रहे थे।
कुर्की की कार्रवाई शुरू होते ही ‘टाइगर’ ने डाले हथियार
हथौड़ी थाना क्षेत्र का शातिर अपराधी प्रेम कुमार सिंह उर्फ ‘भाईजी’ पुलिस के लिए लंबे समय से सिरदर्द बना हुआ था। गुरुवार को जब पुलिस की टीम भारी बल के साथ उसके घर की कुर्की (Property Attachment) करने पहुंची, तो टाइगर के पास कोई रास्ता नहीं बचा। जैसे ही पुलिस ने घर का सामान जब्त करना शुरू किया, उसने मौके पर ही आत्मसमर्पण कर दिया। डीएसपी पूर्वी अलय वत्स ने बताया कि टाइगर एक बेहद खतरनाक अपराधी है, जिसका आतंक कई जिलों में था।
15 से ज्यादा संगीन मामलों का आरोपी है टाइगर
एसएसपी कार्यालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, प्रेम कुमार सिंह उर्फ टाइगर का पुराना और लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके विरुद्ध मुजफ्फरपुर और पड़ोसी जिले सीतामढ़ी में हत्या, लूट और रंगदारी के 15 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। वह साल 2018 में हत्या और रंगदारी के मामलों में वांछित था। इसके अलावा सीतामढ़ी के रुन्नीसैदपुर, डुमरा और पुपरी थानों में भी उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट और जानलेवा हमले के कई केस लंबित हैं।
तीन साल से फरार विकास कुमार भी पुलिस की गिरफ्त में
आत्मसमर्पण करने वाला दूसरा अपराधी विकास कुमार कांटी थाना क्षेत्र का निवासी है। विकास साल 2021 के एक बेहद गंभीर आपराधिक मामले में वांछित था और गिरफ्तारी के डर से लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। कोर्ट से वारंट और इश्तेहार जारी होने के बाद जब पुलिस उसके घर की कुर्की करने पहुंची, तो उसने भी कानून के सामने सरेंडर करना ही बेहतर समझा। पुलिस अब इन दोनों बदमाशों की निशानदेही पर उनके अन्य सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।


