Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार खराब मौसम और बेमौसम बारिश की मार झेल रहे अन्नदाताओं को बड़ी राहत देने जा रही है। आगामी 4 मई को प्रदेश के हजारों किसानों के बैंक खातों में 122.28 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी। यह भुगतान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किया जा रहा है। सरकार का यह कदम उन किसानों के लिए संजीवनी साबित होगा जिनकी खरीफ और रबी की फसलें प्राकृतिक आपदाओं के कारण बर्बाद हो गई थीं।
बकाया भुगतान: खरीफ और रबी सीजन की मिलेगी राशि
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, इस 122.28 करोड़ रुपये की कुल राशि में खरीफ 2025 के बकाया 105.16 करोड़ रुपये शामिल हैं। इसके साथ ही, रबी सीजन 2025-26 के लिए भी 17.11 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि किसानों को दी जाएगी। गौरतलब है कि खरीफ 2025 के लिए कुल 730.04 करोड़ रुपये का क्लेम स्वीकृत हुआ था, जिसमें से 624.88 करोड़ रुपये का भुगतान प्रदेश सरकार द्वारा पहले ही सफलतापूर्वक किया जा चुका है।
योगी सरकार का रिकॉर्ड: अब तक 5755 करोड़ का वितरण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इससे पहले 21 फरवरी को ‘वन-क्लिक’ के माध्यम से 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपये जारी किए थे। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2017-18 से लेकर अब तक उत्तर प्रदेश के लगभग 67.86 लाख किसानों को 5755.68 करोड़ रुपये की कुल क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की जा चुकी है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि राज्य सरकार संकट की घड़ी में किसानों को आर्थिक सुरक्षा कवच प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
योजना का दायरा: कम प्रीमियम में फसलों को सुरक्षा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत उत्तर प्रदेश में धान, गेहूं, दलहन, तिलहन और आलू जैसी मुख्य फसलों को कवर किया गया है। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि किसानों को बहुत मामूली प्रीमियम देना पड़ता है। खरीफ फसलों पर केवल 2 प्रतिशत, रबी पर 1.5 प्रतिशत और नकदी (कमर्शियल) फसलों पर अधिकतम 5 प्रतिशत प्रीमियम देय है। प्रीमियम का शेष बड़ा हिस्सा सरकार खुद वहन करती है ताकि किसानों पर बोझ न पड़े।
जनप्रतिनिधियों के माध्यम से होगा राशि का वितरण
कृषि सांख्यिकी एवं फसल बीमा निदेशक सुमिता सिंह ने जानकारी दी कि 4 मई को होने वाला यह वितरण कार्यक्रम प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में डिजिटल माध्यम से राशि किसानों के खातों में भेजी जाएगी। सरकार का लक्ष्य पारदर्शी तरीके से बिना किसी बिचौलिए के सीधे लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाना है। इस वित्तीय सहायता से किसान अगली फसल की तैयारी के लिए आवश्यक संसाधन जुटा सकेंगे।
