Himachal News: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सम्मान में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कवींद्र गुप्ता ने मंगलवार शाम को भव्य राजकीय भोज का आयोजन किया। शिमला स्थित लोक भवन में आयोजित इस गरिमामय समारोह में राष्ट्रपति का भव्य स्वागत हुआ। राज्यपाल की पत्नी बिंदु गुप्ता और हिमाचल उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया ने उनकी अगवानी की। राष्ट्रपति शाम सात बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं, जहाँ सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहे। यह कार्यक्रम राज्य की अतिथि सत्कार परंपरा का एक शानदार उदाहरण बना।
आदित्य कक्ष में अभिनंदन और पारिवारिक संवाद
लोक भवन के विशेष ‘आदित्य कक्ष’ में राज्यपाल कवींद्र गुप्ता और उनकी पत्नी ने राष्ट्रपति का औपचारिक अभिनंदन किया। इस दौरान वातावरण काफी सौहार्दपूर्ण रहा और राष्ट्रपति ने राज्यपाल के परिवार के सदस्यों से आत्मीय बातचीत की। राष्ट्रपति ने हिमाचल प्रदेश की संस्कृति और यहाँ के लोगों के सरल स्वभाव की सराहना की। इस संक्षिप्त भेंट ने समारोह में एक मानवीय स्पर्श जोड़ा। राज्यपाल ने राष्ट्रपति को प्रदेश की विशिष्ट स्मारिका भेंट कर उनका सम्मान किया।
दरबार हॉल में आयोजित हुआ भव्य राजकीय भोज
औपचारिक मुलाकातों के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लोक भवन के ऐतिहासिक ‘दरबार हॉल’ पहुंचीं। यहाँ उनके सम्मान में आयोजित विशेष राजकीय भोज (State Banquet) शुरू हुआ। इस भोज में राज्य के कई गणमान्य व्यक्ति, न्यायिक अधिकारी और प्रशासनिक हस्तियाँ शामिल हुईं। दरबार हॉल को विशेष रूप से सजाया गया था जो प्रदेश की समृद्ध विरासत को दर्शा रहा था। राष्ट्रपति ने यहाँ उपस्थित अतिथियों से मुलाकात की और विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर संक्षिप्त चर्चा भी की।
सुरक्षा और प्रोटोकॉल का रखा गया विशेष ध्यान
राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए शिमला और विशेषकर लोक भवन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत कड़ी रही। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने चप्पे-चप्पे पर कड़ी निगरानी रखी। प्रोटोकॉल के अनुसार सभी कार्यक्रमों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया गया। मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों की उपस्थिति ने इस समारोह की गरिमा को और बढ़ा दिया। राष्ट्रपति मुर्मू की इस यात्रा को हिमाचल प्रदेश के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो केंद्र और राज्य के मधुर संबंधों को दर्शाता है।
हिमाचल प्रदेश की संस्कृति और सत्कार की झलक
पूरे आयोजन के दौरान हिमाचल प्रदेश की पारंपरिक मेहमाननवाजी की स्पष्ट झलक देखने को मिली। भोज में पहाड़ी व्यंजनों के साथ-साथ आधुनिक पाक कला का भी समावेश किया गया था। राज्यपाल कवींद्र गुप्ता ने व्यक्तिगत रूप से सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया था ताकि राष्ट्रपति की मेजबानी में कोई कमी न रहे। राष्ट्रपति ने भी राज्यपाल के इस प्रयास की प्रशंसा की। इस राजकीय भोज ने शिमला के राजनीतिक और सामाजिक परिवेश में एक नई ऊर्जा का संचार किया है।


