Uttar Pradesh News: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हरदोई और वाराणसी में आयोजित कार्यक्रमों ने मैनपुरी के आम यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मंगलवार को मैनपुरी डिपो के बेड़े से 50 बसों को वीआईपी ड्यूटी के लिए रवाना कर दिया गया, जिससे स्थानीय परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। डिपो में मात्र 23 बसें ही बचीं, जिसके कारण यात्रियों को घंटों चिलचिलाती धूप और लू में बसों का इंतजार करना पड़ा। सबसे ज्यादा बुरा हाल आगरा, दिल्ली, इटावा और फर्रुखाबाद रूट का रहा, जहां यात्री निजी वाहनों में भारी अतिरिक्त किराया देने को मजबूर हुए।
सूने पड़े बस स्टेशन और पूछताछ काउंटर से मिली निराशा
मंगलवार सुबह से ही मैनपुरी बस स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ जुटने लगी थी, लेकिन 70 फीसदी बसें न होने के कारण पूरा परिसर दोपहर तक खाली नजर आया। आलम यह था कि दिल्ली और आगरा जाने वाले मुसाफिरों को 40 मिनट की प्रतीक्षा के बाद भी कोई साधन नहीं मिला। पूछताछ काउंटर पर प्रशिक्षित कर्मचारियों के न होने से यात्रियों को बसों की सटीक जानकारी तक नहीं मिल सकी। लू के थपेड़ों के बीच छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ सफर कर रहे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शहर के प्रमुख चौराहों पर यात्रियों की मची रही मारामारी
बस स्टेशन पर सुविधा न मिलने के कारण यात्री ईशन नदी तिराहा, भांवत चौराहा और करहल चौराहा जैसे प्रमुख स्थानों पर जमा हो गए। लंबी दूरी की जो इक्का-दुक्का बसें वहां से गुजरीं, वे पहले से ही खचाखच भरी हुई थीं। यात्रियों में बस के भीतर चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की और मारामारी की स्थिति बनी रही। इस कमी का फायदा उठाते हुए टेंपो और निजी टैक्सी चालकों ने बेवर, भोगांव और शिकोहाबाद तक के सफर के लिए यात्रियों से मनमाना और अतिरिक्त किराया वसूला।
दूसरे डिपो की बसों ने भी मैनपुरी स्टेशन से बनाई दूरी
प्रशासनिक आदेश के बावजूद अन्य डिपो की बसों ने मैनपुरी स्टेशन के भीतर प्रवेश नहीं किया। लखनऊ, कानपुर और आगरा रूट की बसें ईशन नदी तिराहा और राधारमन रोड से होकर सीधे बाईपास की ओर निकल गईं। यदि ये बसें स्टेशन होकर गुजरतीं, तो यात्रियों को कुछ राहत मिल सकती थी। मैनपुरी डिपो के अधिकारियों ने इस अव्यवस्था के संबंध में क्षेत्रीय प्रबंधक, इटावा को सूचित किया है। उम्मीद जताई जा रही है कि बुधवार शाम तक ड्यूटी पर गई बसें वापस लौट आएंगी, तब जाकर स्थिति सामान्य होगी।
बुधवार को भी यात्रियों को झेलनी पड़ेगी भारी असुविधा
परिवहन विभाग के सूत्रों के अनुसार, बसों की कमी का असर बुधवार को भी बना रहेगा। चूंकि बसें अभी वापसी के रास्ते में हैं, इसलिए सुबह के समय दिल्ली और लखनऊ जाने वाले यात्रियों को फिर से दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। स्टेशन मास्टर और डिपो प्रबंधन ने यात्रियों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल, मैनपुरी से संचालित होने वाली लोकल सेवाओं को पूरी तरह बंद कर लंबी दूरी के रूटों को कवर करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन यात्रियों की संख्या के मुकाबले यह व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है।
