Himachal News: हिमाचल प्रदेश में खराब मौसम और मूसलाधार बारिश का कहर जारी है। सिरमौर जिले के संगड़ाह में एक खदान से आए मलबे के सैलाब ने दो वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत रही कि वाहनों में सवार लोगों ने समय रहते बाहर कूदकर अपनी जान बचा ली। इस भीषण भूस्खलन के कारण सड़क किनारे खड़ी एक कार और बाइक पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। बेमौसम बरसात अब प्रदेश के आम जनजीवन के लिए खतरा बन चुकी है।
खदान के मलबे ने मुख्य मार्ग पर मचाई तबाही
यह हादसा संगड़ाह मुख्यालय के पास वालिया लाइमस्टोन खदान क्षेत्र में हुआ। भारी बारिश के बाद खदान से हजारों टन मलबा और पत्थर अचानक नीचे गिर गए। मलबे का बहाव इतना तेज था कि इसने संगड़ाह-नाहन मुख्य मार्ग को अवरुद्ध कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पत्थरों को गिरता देख वाहन चालकों में अफरा-तफरी मच गई। यदि लोग फुर्ती से बाहर न निकलते, तो यह घटना एक बड़ी जनहानि में बदल सकती थी। फिलहाल मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
ग्रामीणों ने खदान प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप
हादसे के बाद स्थानीय निवासियों में प्रशासन और खदान प्रबंधन के खिलाफ भारी रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर खदान का मलबा मुख्य सड़क के ऊपर डंप किया जा रहा है। यह अवैध डंपिंग हर साल बरसात में आपदा का कारण बनती है। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद खनन और लोक निर्माण विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। खदान माफिया की इस लापरवाही ने राहगीरों की सुरक्षा को दांव पर लगा दिया है।
8 मई तक खराब रहेगा मौसम का मिजाज
हिमाचल प्रदेश में अभी संकट टला नहीं है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने चेतावनी दी है कि राज्य में 8 मई तक मौसम खराब रहेगा। प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश की संभावना बनी हुई है। बारिश के चलते किसानों और बागवानों की फसलों को पहले ही भारी नुकसान हो चुका है। प्रशासन ने लोगों को संवेदनशील इलाकों और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। मुख्य सड़कों पर आवाजाही के दौरान विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग
संगड़ाह क्षेत्र के लोगों ने जिला प्रशासन से खदान की अवैध डंपिंग पर तत्काल रोक लगाने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। भूस्खलन के कारण संगड़ाह-श्रीरेणुकाजी मार्ग पर यातायात बार-बार प्रभावित हो रहा है। प्रशासन अब नुकसान का आकलन कर रहा है और मलबे को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश भर में बारिश से संबंधित घटनाओं पर राहत एवं बचाव दल पैनी नजर रख रहे हैं।

