हाईवे पर टोल की पर्ची फेंकने की गलती न करें, मुश्किल वक्त में जान बचाएगा यह छोटा सा कागज

India News: नेशनल हाईवे पर सफर के दौरान मिलने वाली टोल टैक्स की रसीद महज एक पर्ची नहीं है। ज्यादातर यात्री इसे भुगतान का सबूत मानकर कूड़े में फेंक देते हैं या डैशबोर्ड में डाल देते हैं। हकीकत में यह छोटा सा कागज सड़क पर आपकी सुरक्षा का सबसे बड़ा ‘इमरजेंसी पास’ होता है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के नियमों के तहत, टोल चुकाने के बदले आपको कई महत्वपूर्ण सुविधाएं मुफ्त मिलती हैं। जानकारी के अभाव में लोग इन सेवाओं का लाभ नहीं उठा पाते।

मुफ्त मेडिकल सहायता और एम्बुलेंस का अधिकार

सफर के दौरान अचानक तबीयत खराब होने या किसी दुर्घटना की स्थिति में टोल रसीद बहुत मददगार होती है। एनएचआई (NHAI) के नियमों के मुताबिक, हर टोल प्लाजा पर 24 घंटे एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध रहती है। आप अपनी रसीद के पीछे दिए गए नंबर या हेल्पलाइन पर कॉल करके तुरंत मदद मांग सकते हैं। चूंकि आप टोल टैक्स के रूप में सुरक्षा शुल्क चुकाते हैं, इसलिए यह मेडिकल सेवा पूरी तरह निशुल्क प्रदान की जाती है।

गाड़ी खराब होने पर फ्री क्रेन और रिकवरी वैन

यदि हाईवे के सुनसान हिस्से में आपकी गाड़ी खराब हो जाए या टायर पंक्चर हो जाए, तो घबराएं नहीं। आप अपनी टोल रसीद पर मौजूद हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके रिकवरी वैन मंगवा सकते हैं। एनएचआई की गाइडलाइंस के अनुसार, गाड़ी को नजदीकी मैकेनिक या सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए क्रेन की सुविधा मुफ्त दी जाती है। यह सेवा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए अनिवार्य रूप से प्रदान की जाती है।

आपातकालीन पेट्रोल और डीजल की मुफ्त डिलीवरी

हाईवे पर गाड़ी का ईंधन खत्म होना एक बड़ी मुसीबत बन सकता है। ऐसे समय में भी टोल प्रशासन आपकी सहायता करता है। टोल रसीद की मदद से आप 5 से 10 लीटर तक पेट्रोल या डीजल की आपूर्ति करवा सकते हैं। हालांकि, आपको ईंधन की कीमत बाजार भाव के अनुसार चुकानी होगी, लेकिन इसे आप तक पहुंचाने की डिलीवरी सर्विस पूरी तरह मुफ्त होती है। यह सुविधा विशेषकर रात के समय सफर करने वाले यात्रियों के लिए बहुत राहत भरी होती है।

टोल रसीद पर छिपे होते हैं जीवन रक्षक नंबर

टोल पर्ची के पीछे मेडिकल इमरजेंसी, पुलिस सहायता और फायर ब्रिगेड के महत्वपूर्ण फोन नंबर अंकित होते हैं। यात्री किसी भी समस्या के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन नंबर 1033 पर 24 घंटे संपर्क कर सकते हैं। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि ये सभी सुविधाएं केवल तब तक मान्य होती हैं, जब तक आपकी रसीद की वैधता रहती है। आमतौर पर एक तरफ की यात्रा के लिए टोल रसीद 24 घंटे तक इन मुफ्त सेवाओं के लिए प्रभावी मानी जाती है।

फास्टैग यूजर्स को कैसे मिलेंगी ये सभी सुविधाएं?

आजकल फास्टैग (FASTag) के कारण ज्यादातर लोग डिजिटल भुगतान करते हैं और उनके पास कागजी रसीद नहीं होती। ऐसे में कई यात्री असमंजस में रहते हैं कि उन्हें ये सुविधाएं मिलेंगी या नहीं। हकीकत यह है कि आपके मोबाइल पर आया ट्रांजैक्शन SMS या फास्टैग ऐप की डिजिटल रसीद पूरी तरह मान्य है। आप डिजिटल रसीद दिखाकर भी एम्बुलेंस, क्रेन और अन्य मुफ्त सेवाओं का दावा उसी तरह कर सकते हैं जैसे फिजिकल पर्ची से किया जाता है।

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