Bihar News: बिहार के इकलौते वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) की हरियाली के बीच वन्यजीवों के खिलाफ रची जा रही एक खामोश लेकिन खतरनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है। वन विभाग की सतर्कता से बेजुबान जानवरों के लिए बिछाया गया मौत का जाल समय रहते काट दिया गया। वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना के वन प्रमंडल-2 में अधिकारियों ने छापेमारी कर दो शिकारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई वन्यजीव संरक्षण के प्रति विभाग की मुस्तैदी को दर्शाती है।
देर रात जंगल में बिछा रहे थे मौत का जाल
यह पूरी कार्रवाई कोतराहां वन परिसर के ठाड़ी स्थित वन कक्ष संख्या एम-28 में मंगलवार की देर रात को अंजाम दी गई। गुप्त सूचना मिली थी कि शिकारियों का एक गिरोह सक्रिय है। सूचना के आधार पर वनकर्मियों की एक विशेष टीम ने अंधेरे का फायदा उठाकर घेराबंदी की। टीम को देखते ही शिकारियों में अफरा-तफरी मच गई। मौके से दो आरोपियों को पकड़ लिया गया, जबकि उनके चार अन्य साथी घने जंगल और अंधेरे का लाभ उठाकर फरार होने में सफल रहे।
बिजली के नंगे तारों से शिकार की थी तैयारी
गिरफ्तार आरोपियों के पास से शिकार करने का घातक सामान बरामद हुआ है। वन विभाग की टीम ने उनके पास से लगभग ढाई किलो बिजली का नंगा तार और 38 पीस बांस के फट्ठे बरामद किए हैं। अपराधी इन तारों को जंगल में बिछाकर उनमें बिजली प्रवाहित करने वाले थे, ताकि गुजरने वाले वन्यजीवों को करंट लगाकर मारा जा सके। इसके अलावा शिकारियों की एक ग्लैमर बाइक भी मौके से जब्त की गई है, जिसका उपयोग वे अवैध गतिविधियों के लिए कर रहे थे।
पकड़े गए आरोपियों की हुई पहचान
वन विभाग द्वारा गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी स्थानीय निवासी बताए जा रहे हैं। इनकी पहचान वाल्मीकिनगर थाना क्षेत्र के ठाड़ी गांव निवासी लव कुमार और कुंदन कुमार के रूप में हुई है। रेंजर सत्यम कुमार ने बताया कि यह ऑपरेशन वनपाल सूरज राम और वनरक्षी शुभम कुमार के नेतृत्व में सफल रहा। पकड़े गए दोनों आरोपियों ने पूछताछ में अपने अन्य फरार साथियों के नाम भी उगल दिए हैं, जिनकी तलाश में पुलिस और वन विभाग की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के रेंजर ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। विभाग ने जंगल के आसपास के ग्रामीणों को भी सचेत किया है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत सूचित करें, ताकि वन्यजीवों के साम्राज्य को सुरक्षित रखा जा सके।


