हिमाचल के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, CM सुक्खू के एक आदेश से खाते में आएंगे बकाया करोड़ों रुपये

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वित्त विभाग को कर्मचारियों के बकाया एरियर और महंगाई भत्ते (DA) के भुगतान की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि प्रदेश सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए सभी श्रेणियों के कर्मियों को उनके हक का पैसा चरणबद्ध तरीके से लौटाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

शिमला स्थित राज्य सचिवालय में आयोजित सचिवों की अहम बैठक में मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग की टीम के साथ लंबी चर्चा की। उन्होंने प्रधान सचिव देवेश कुमार को आदेश दिया कि वे प्रत्येक श्रेणी के कर्मचारियों के बकाया एरियर का सटीक रिकॉर्ड तुरंत तैयार करें। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि लंबित महंगाई भत्ते की किस्तों के भुगतान के लिए जल्द से जल्द ठोस वित्तीय उपाय खोजे जाएं ताकि कर्मचारियों को राहत मिल सके।

नौ हजार करोड़ का भारी-भरकम भुगतान है सरकार के सामने बड़ी चुनौती

राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के कर्मचारियों का करीब सात हजार करोड़ रुपये का एरियर अभी शेष है। इसके अतिरिक्त महंगाई भत्ते की किस्तों का लगभग दो हजार करोड़ रुपये का भुगतान भी लंबित पड़ा हुआ है। कुल मिलाकर नौ हजार करोड़ रुपये की यह भारी-भरकम राशि चुकाना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है। छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद से ही कर्मचारी अपने इस बकाया भुगतान का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

पिछली भाजपा सरकार के दौरान कर्मचारियों को बकाया एरियर के रूप में केवल पचास हजार रुपये की एक ही किस्त मिल पाई थी। वर्तमान सुक्खू सरकार ने कार्यभार संभालने के बाद पेंशनरों और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर बकाया एरियर का भुगतान किया है। इसके अलावा सत्तर वर्ष से अधिक आयु वाले पेंशनरों को भी उनकी बकाया राशि दी जा चुकी है। अब सरकार का पूरा ध्यान शेष बचे अन्य वर्गों पर केंद्रित है।

वित्त विभाग तैयार करेगा भुगतान का पूरा खाका और भविष्य की योजना

मुख्यमंत्री सुक्खू ने वित्त विभाग को निर्देशित किया है कि वे भुगतान के लिए आवश्यक राशि का पूरा ब्यौरा तैयार करें। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में वित्तीय स्थिति के अनुसार धीरे-धीरे सभी का बकाया चुकता कर दिया जाए। कर्मचारियों में इस आदेश के बाद नई उम्मीद जगी है। सचिवालय में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में शासन और प्रशासन के बीच समन्वय बनाकर इस आर्थिक मसले को सुलझाने पर व्यापक सहमति बनी है।

आगामी समय में वित्त विभाग की रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय होगा कि एरियर और डीए की किस्तों का भुगतान कब से शुरू होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े शब्दों में कहा है कि बजट प्रबंधन इस तरह किया जाए कि विकास कार्यों के साथ-साथ कर्मचारियों के हितों की रक्षा भी हो सके। कर्मचारी संगठनों ने भी सरकार के इस रुख का स्वागत किया है। अब सबकी निगाहें वित्त विभाग द्वारा तैयार किए जाने वाले अंतिम ब्यौरे पर टिकी हैं।

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