ईरान के मिसाइल हमलों के बीच फुजैरा क्यों जा रहे पीएम मोदी? इस मास्टरस्ट्रोक से दुनिया हैरान

New Delhi News: वैश्विक तेल और गैस संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को यूएई जा रहे हैं। यह दौरा भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। पीएम मोदी सीधे फुजैरा में रुकेंगे। इसी जगह पर हाल ही में ईरान ने मिसाइल हमले किए थे। कूटनीतिक जानकारों के मुताबिक यह कोई साधारण यात्रा नहीं है। यह दुनिया को भारत की मजबूत स्थिति का स्पष्ट संदेश है। पीएम मोदी भारत के लिए सुरक्षित ईंधन चाहते हैं।

विशेषज्ञ ब्रह्मा चेलानी ने पीएम मोदी के इस कदम को फ्रंट फुट डिप्लोमेसी कहा है। मिसाइल हमलों के खतरे के बीच फुजैरा में रुकना एक बड़ा कूटनीतिक संकेत है। भारत अब विदेश नीति में रक्षात्मक नहीं बल्कि आक्रामक रुख अपना रहा है। ईरान के हालिया हमलों के बावजूद वहां जाने का मतलब है कि भारत अपने हितों को लेकर बिल्कुल निडर है। यह कदम दिखाता है कि भारत सरकार किसी भी बाहरी दबाव में कभी झुकने वाली नहीं है।

फुजैरा पोर्ट: भारत का सबसे मजबूत सेफ्टी वॉल्व

दुनिया का करीब बीस फीसदी तेल होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरता है। यह इलाका इस समय भारी तनाव और जंग का केंद्र है। लेकिन यूएई का फुजैरा पोर्ट ओमान की खाड़ी में स्थित है। यह बंदरगाह इस विवादित रास्ते से बिल्कुल बाहर है। इसीलिए भारत के लिए यह पोर्ट एक अहम सेफ्टी वॉल्व की तरह काम करता है। अगर भविष्य में होर्मुज का रास्ता बंद हो जाए, तो फुजैरा के जरिए भारत तक कच्चा तेल सुरक्षित पहुंचता रहेगा।

भारत अपनी कुल जरूरत का लगभग पच्चासी फीसदी कच्चा तेल आयात करता है। इसका एक बहुत बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से ही आता है। प्रधानमंत्री मोदी इसी महत्वपूर्ण सप्लाई चेन को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए फुजैरा पहुंच रहे हैं। फुजैरा में दुनिया के सबसे विशाल ऑयल स्टोरेज टर्मिनल मौजूद हैं। वहां बेहतरीन रिफाइनिंग सुविधाएं और बड़ा पेट्रोलियम ट्रेडिंग नेटवर्क भी है। भारत ऊर्जा संकट से निपटने के लिए इन सभी शानदार सुविधाओं का पूरा फायदा उठाएगा।

मिडिल ईस्ट में फंसे मिनी इंडिया को सुरक्षा का भरोसा

संयुक्त अरब अमीरात में लगभग पैंतीस लाख भारतीय प्रवासी रहते हैं। यह विशाल भारतीय आबादी वहां की मजबूत अर्थव्यवस्था की मुख्य रीढ़ मानी जाती है। मिडिल ईस्ट में चल रहे मौजूदा तनाव के बीच ये सभी भारतीय सीधे तौर पर फ्रंट लाइन पर खड़े हैं। प्रधानमंत्री मोदी का वहां जाना इन लाखों भारतीयों को मजबूत भरोसा दिलाना है। भारत सरकार उनकी सुरक्षा को अपनी पहली प्राथमिकता मानती है। यह भारत की सफल डायस्पोरा कूटनीति का ही अहम हिस्सा है।

एक समय था जब खाड़ी देश भारत को केवल एक बड़े बाजार के रूप में देखते थे। लेकिन अब दुनिया के हालात पूरी तरह से बदल चुके हैं। पीएम मोदी और शेख मोहम्मद बिन जायद की शानदार दोस्ती ने इसे गहरी रणनीतिक साझेदारी में बदल दिया है। दोनों देशों ने सुरक्षा और रक्षा क्षेत्रों में कई अहम समझौते किए हैं। आज यूएई भारत में भारी निवेश कर रहा है। वह आतंकवाद के मुद्दे पर खुलकर भारत के साथ है।

किसी दौर में यूएई और सऊदी अरब को पाकिस्तान का सबसे बड़ा समर्थक माना जाता था। लेकिन भारत सरकार की लुक वेस्ट नीति ने पूरे कूटनीतिक खेल को पलट कर रख दिया है। पीएम मोदी ने अरब देशों को समझा दिया है कि भारत एक विश्वसनीय आर्थिक महाशक्ति है। इसके विपरीत पाकिस्तान अब सिर्फ एक बोझ बनकर रह गया है। फुजैरा में प्रधानमंत्री मोदी का यह अहम स्टॉपओवर दोनों देशों की इसी अटूट दोस्ती पर पक्की मुहर है।

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