Shimla News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला और हमीरपुर में शहरी विकास को लेकर सुक्खू सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। शिमला की पुरानी सब्जी मंडी को अब एक अत्याधुनिक ‘केंद्रीय व्यापारिक जिला’ (CBD) के रूप में विकसित किया जाएगा। इसी तरह हमीरपुर के पुराने बस स्टैंड पर भव्य सिटी सेंटर बनेगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर काम पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
शिमला की सब्जी मंडी परियोजना का मुख्य उद्देश्य शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करना और आधुनिक व्यावसायिक सुविधाएं प्रदान करना है। इस पूरी योजना पर 330 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसे दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण के लिए सरकार ने 210 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। इसमें से 160 करोड़ रुपये नगर निगम शिमला और लोक निर्माण विभाग को पहले ही आवंटित किए जा चुके हैं।
अगस्त 2026 तक पूरी होगी निविदा प्रक्रिया
मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए स्पष्ट डेडलाइन तय की है। उन्होंने नगर निगम को 11 मई तक परियोजना क्षेत्र के 53 आवासों और सरकारी कार्यालयों को खाली करवाने का आदेश दिया है। इसके बाद 21 मई तक क्षेत्र की सभी दुकानों को खाली करवा लिया जाएगा। लोक निर्माण विभाग को 11 जुलाई तक पूरी जमीन निर्माण के लिए तैयार करने को कहा गया है। अगस्त 2026 तक इसकी टेंडरिंग प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
हमीरपुर के लिए भी 140 करोड़ रुपये की सिटी सेंटर परियोजना को हरी झंडी मिल चुकी है। नया बस स्टैंड लगभग तैयार होने के बाद अब पुराने बस स्टैंड को हटाकर वहां व्यावसायिक केंद्र बनाया जाएगा। सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए 80 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं, जबकि बाकी बजट पीपीपी मॉडल से आएगा। इसकी विस्तृत रिपोर्ट (DPR) तैयार हो चुकी है और एचआरटीसी जल्द ही कब्जाधारकों को नोटिस जारी कर परिसर खाली करवाएगा।
इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने से हिमाचल के दो प्रमुख शहरों को नई पहचान मिलेगी। आधुनिक पार्किंग, व्यावसायिक परिसर और सार्वजनिक सुविधाओं से स्थानीय व्यापारियों और पर्यटकों को काफी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिया है कि हमीरपुर में जगह खाली होते ही एक महीने के भीतर निविदा प्रक्रिया पूरी की जाए। सरकार का लक्ष्य इन केंद्रों को स्थायी राजस्व के नए स्रोत के रूप में विकसित करना है।

