West Bengal News: पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पहली सरकार बनाकर नया ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया है। मुख्यमंत्री के तौर पर सुवेंदु अधिकारी का शपथ ग्रहण समारोह भारी भावनात्मक और सांस्कृतिक प्रतीकों से भरा रहा। ब्रिगेड ग्राउंड में अपार भीड़ के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक नब्बे वर्षीय वरिष्ठ सदस्य के पैर छुए। इसके बाद पीएम मोदी घुटनों के बल बैठकर आम जनता का आभार जताते हुए साफ नजर आए।
सुवेंदु अधिकारी पर दिखा अमित शाह का पूरा भरोसा
शपथ लेने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बहुत ही विनम्रता के साथ प्रधानमंत्री मोदी के सामने अपना सिर झुकाया। प्रधानमंत्री ने भी गर्मजोशी से उनके दोनों हाथ थाम लिए और प्यार से पीठ थपथपाई। फिर शोर मचाती भीड़ के बीच मोदी ने उन्हें कसकर गले लगा लिया। इसके अलावा सुवेंदु ने देश के गृह मंत्री अमित शाह के प्रति भी पूरा सम्मान प्रकट किया। साल दो हजार बीस में पार्टी बदलने पर शाह का भरोसा दिखा।
दिलीप घोष और पुराने नेताओं के संघर्ष को मिला भारी सम्मान
भारतीय जनता पार्टी ने इस ऐतिहासिक दिन पर अपने पुराने और बेहद अनुभवी नेताओं की कड़ी मेहनत को भी सराहा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रचारक और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष को अहम जिम्मेदारी मिली है। सुवेंदु अधिकारी के बाद मंत्री पद की शपथ लेने वाले वह पहले नेता बने। नए नेतृत्व के दौर में घोष को कभी उपेक्षित माना जाता था। लेकिन पार्टी ने भगवा विचारधारा के प्रति उनके सच्चे समर्पण को सराहा।
हिंसा पीड़ितों के परिवारों से पीएम मोदी की भावुक मुलाकात
इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजनीतिक हिंसा में जान गंवाने वाले भाजपा सदस्यों के दुखी परिजनों से भी मुलाकात की। इस दौरान माहौल बहुत ज्यादा भावुक हो गया था। नई सरकार में सामाजिक और क्षेत्रीय वर्गों को पूरा प्रतिनिधित्व देने का ठोस प्रयास हुआ है। ब्राह्मण समुदाय से आने वाले सुवेंदु अधिकारी के साथ ओबीसी वर्ग से आने वाले दिलीप घोष सरकार का अहम हिस्सा हैं। पार्टी ने मतुआ और आदिवासी नेताओं को जगह दी है।
बंगाली संस्कृति को बढ़ावा, मुस्लिम प्रतिनिधित्व पर उठे सवाल
मंत्रिमंडल में राजबंशी समुदाय और कायस्थ वर्ग से एकमात्र महिला सदस्य अग्निमित्रा पॉल भी मौजूद हैं। वहीं बंगाल सरकार में शायद पहली बार मुस्लिम समुदाय को कोई प्रतिनिधित्व नहीं मिला है क्योंकि भाजपा का कोई मुस्लिम विधायक नहीं है। दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस द्वारा लगाए गए बाहरी होने के आरोपों को भाजपा ने पूरी तरह नकार दिया। इसके जवाब में पार्टी ने रबींद्रनाथ टैगोर की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित करके बंगाली संस्कृति के प्रति अपना गहरा लगाव दिखाया है।

