Himachal News: पहाड़ों की रानी शिमला में भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए रिकॉर्ड तोड़ सैलानी उमड़ रहे हैं। इस वीकेंड पर राजधानी की सड़कों पर वाहनों का भारी सैलाब देखने को मिला, जिससे सामान्य जनजीवन और यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। दिल्ली, पंजाब और हरियाणा से आने वाले पर्यटकों की वजह से शिमला-कालका नेशनल हाईवे पर घंटों लंबा जाम लगा रहा। प्रशासन के लिए इतनी बड़ी संख्या में पहुंचे वाहनों को नियंत्रित करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
शोघी बैरियर पर टूटा रिकॉर्ड और सड़कों पर रेंगते वाहन
शिमला के प्रवेश द्वार शोघी बैरियर पर बीते दो दिनों के भीतर 18,821 से अधिक वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई है। इस भारी दबाव के कारण विक्ट्री टनल, टूटीकंडी और ढली टनल जैसे मुख्य मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। लोक निर्माण विभाग द्वारा संजौली मार्ग पर किए जा रहे मरम्मत कार्य ने यातायात की गति को और धीमा कर दिया है। पुलिस बल लगातार फील्ड में रहकर ट्रैफिक सुचारू करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन पर्यटकों की संख्या उम्मीद से कहीं अधिक है।
होटलों में ऑक्यूपेंसी 80 फीसदी पार और पार्किंग की भारी किल्लत
शिमला के होटल कारोबारियों के चेहरे खिल उठे हैं क्योंकि शहर के अधिकांश होटलों में ऑक्यूपेंसी 80 प्रतिशत के पार पहुंच गई है। हालांकि, शहर के लगभग सभी पार्किंग स्थल सुबह ही पैक हो गए, जिससे पर्यटकों को अपने वाहन सड़क किनारे खड़े करने पड़े। माल रोड और रिज मैदान पर तिल रखने की जगह नहीं बची है। स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और केवल निर्धारित स्थानों पर ही अपने वाहन पार्क करें।
कुफरी और नारकंडा सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर भी भारी भीड़
केवल मुख्य शिमला शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के पर्यटन स्थल जैसे कुफरी, मशोबरा, नालदेहरा और नारकंडा में भी भारी चहल-पहल देखी जा रही है। जाखू और तारा देवी जैसे धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। टैक्सी ऑपरेटरों का कहना है कि इस वीकेंड पर उनकी बुकिंग में जबरदस्त उछाल आया है। चिलचिलाती धूप और मैदानी इलाकों की गर्मी से बचने के लिए लोग बड़ी संख्या में हिमाचल प्रदेश के ठंडे इलाकों का रुख कर रहे हैं।

