निफ्टी में भारी हलचल! सोमवार को बाजार में आएगी तेजी या मंदी का दिखेगा असर? जानें ये 5 बड़े ट्रिगर्स

Mumbai News: भारतीय शेयर बाजार में पिछले सत्र के दौरान भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। निफ्टी 24,176 के स्तर पर बंद हुआ, जो ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली का स्पष्ट संकेत दे रहा है। निवेशकों की नजर अब सोमवार, 11 मई के कारोबार पर टिकी है। वैश्विक तनाव और घरेलू कंपनियों के नतीजों के बीच बाजार अपनी अगली दिशा तय करेगा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले सत्र में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

बाजार में कमजोरी के संकेत और फाइबोनैचि स्तर

सैमको सिक्योरिटीज के विश्लेषक धुपेश धामेजा ने बाजार की मौजूदा स्थिति पर अपनी राय साझा की है। उनके अनुसार, निफ्टी 24,250 के अहम फाइबोनैचि स्तर से नीचे फिसल चुका है। यह तकनीकी रूप से कमजोरी का संकेत है, हालांकि इंडेक्स 23,800 के सपोर्ट जोन के ऊपर टिका है। इंडिया VIX का गिरकर 16.8 पर आना स्थिरता की ओर इशारा करता है। फिलहाल पुट-कॉल रेशियो 0.79 है, जो बाजार में सावधानी बरतने का सुझाव देता है।

वैश्विक तनाव का बाजार पर सीधा असर

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के विनोद नायर के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव चिंता का विषय है। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर पैदा हुआ संकट वैश्विक व्यापार को प्रभावित कर सकता है। अमेरिकी हवाई हमलों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता को काफी बढ़ा दिया है। इस तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ा है। ब्रेंट क्रूड में 3% का उछाल आया है, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था और बाजार पर दबाव बढ़ा है।

रुपये की गिरावट और विदेशी निवेशकों की बिकवाली

डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 94.47 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। वैश्विक अस्थिरता और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने घरेलू मुद्रा को कमजोर किया है। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने इस साल ₹2.50 लाख करोड़ की रिकॉर्ड बिकवाली की है। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹3.11 लाख करोड़ की खरीदारी करके बाजार को सहारा दिया है। सोमवार को भी एफआईआई के रुख पर सबकी नजर रहेगी।

Q4 नतीजों का धमाका और महंगाई के आंकड़े

अगले हफ्ते भारती एयरटेल, टाटा मोटर्स और एचएएल (HAL) जैसी 400 से अधिक दिग्गज कंपनियां अपने नतीजे पेश करेंगी। इन कंपनियों के वित्तीय परिणाम बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसके साथ ही भारत और अमेरिका में महंगाई के आंकड़े भी जारी होने वाले हैं। ये आंकड़े आरबीआई के ब्याज दरों पर भविष्य के फैसलों को प्रभावित कर सकते हैं। निवेशक इन बड़ी घटनाओं को लेकर काफी सतर्क नजर आ रहे हैं।

सोमवार के लिए निवेशकों की खास रणनीति

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक निफ्टी 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर है, तब तक ढांचा सकारात्मक रहेगा। यदि बाजार 24,500 के स्तर को पार करता है, तो 25,000 की नई तेजी आ सकती है। हालांकि, 24,000 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव काफी बढ़ जाएगा। फिलहाल निवेशकों को केवल चुनिंदा मजबूत शेयरों पर ही ध्यान देना चाहिए। मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में अभी भी खरीदारी के अच्छे मौके उपलब्ध हैं।

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