New Delhi News: सैमसंग इंडिया ने अपने प्रमुख यूथ इनोवेशन प्रोग्राम ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमारो’ (Samsung Solve for Tomorrow) के पांचवें संस्करण का आगाज़ कर दिया है। इस साल कंपनी ने कार्यक्रम का दायरा बढ़ाते हुए विजेताओं के लिए इन्क्यूबेशन ग्रांट को बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये कर दिया है। 14 से 22 वर्ष के युवाओं के लिए तैयार इस मंच का उद्देश्य सामाजिक समस्याओं के तकनीकी समाधान खोजना है। इच्छुक छात्र 3 जुलाई, 2026 तक इस प्रतियोगिता के लिए अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।
चार मुख्य विषयों पर केंद्रित होगा नवाचार
इस वर्ष की प्रतियोगिता मुख्य रूप से चार श्रेणियों—भारत के लिए AI, स्वास्थ्य और शिक्षा, पर्यावरणीय स्थिरता, और खेल व तकनीक पर आधारित है। सैमसंग का लक्ष्य युवा मस्तिष्क को ऐसी तकनीक विकसित करने के लिए प्रेरित करना है, जिसका समाज पर सकारात्मक प्रभाव पड़े। भारत में अपनी उपस्थिति के 30 वर्ष पूरे होने पर कंपनी ने इसे ‘डिजिटल इंडिया’ के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बताया है। इस बार कार्यक्रम का विशेष फोकस छोटे शहरों और ग्रामीण भारत के छात्रों तक पहुंच बनाना है।
छह महीने की व्यापक ट्रेनिंग और मेंटरशिप
प्रतिभागियों को इस यात्रा के दौरान डिजाइन थिंकिंग वर्कशॉप, मेंटरशिप और प्रोटोटाइपिंग सपोर्ट जैसे बेहतरीन अवसर मिलेंगे। सैमसंग देशभर में 100 से अधिक वर्कशॉप आयोजित करेगा, जिससे छात्रों को 2,40,000 घंटों से अधिक की ट्रेनिंग मिलेगी। आवेदन प्रक्रिया के बाद 100 टीमों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इसके बाद 40 सेमी-फाइनलिस्ट टीमों को सैमसंग के विशेषज्ञों से सीधे सीखने और कंपनी के बेंगलुरु, नोएडा व दिल्ली स्थित अनुसंधान केंद्रों (R&D Centers) का दौरा करने का मौका मिलेगा।
पुरस्कारों की बौछार और इन्क्यूबेशन सपोर्ट
प्रतियोगिता के पुरस्कार ढांचे में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। टॉप 40 टीमों को 8 लाख रुपये और लैपटॉप दिए जाएंगे, जबकि टॉप 20 टीमों को 20 लाख रुपये और गैलेक्सी जेड फ्लिप स्मार्टफोन मिलेंगे। सबसे बड़ा आकर्षण अंतिम चरण है, जहां चार विजेता टीमों को 2 करोड़ रुपये की इन्क्यूबेशन ग्रांट मिलेगी। इन विजेताओं को IIT दिल्ली में इन्क्यूबेशन सपोर्ट दिया जाएगा, ताकि वे अपने आइडिया को सफल स्टार्टअप में बदल सकें। अब तक यह वैश्विक प्रोग्राम 68 देशों के 30 लाख से अधिक युवाओं को जोड़ चुका है।

