Himachal News: हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) ने 10वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस साल कांगड़ा जिले के अनमोल ने 700 में से 699 अंक हासिल कर पूरे प्रदेश में टॉप किया है। अनमोल ने 99.86 प्रतिशत अंकों के साथ एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। बोर्ड के नतीजों में इस बार पास प्रतिशत में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। रिजल्ट जारी होते ही प्रदेश भर के स्कूलों और घरों में जश्न का माहौल है।
कांगड़ा के अनमोल बने प्रदेश के ‘सुपरस्टार’, मेरिट लिस्ट में दबदबा
अनमोल एवीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पहरा के छात्र हैं और उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से यह मुकाम पाया है। मेरिट लिस्ट में दूसरे स्थान पर तीन छात्रों ने जगह बनाई है। ऊना के अभिनव मेहता, रूहानी धिमान और बिलासपुर की पूर्णिमा शर्मा ने 698 अंक प्राप्त किए। तीसरे स्थान पर हमीरपुर की आश्विका शर्मा और मंडी की अलीशा ठाकुर रहीं। टॉपर्स की इस सूची ने साबित कर दिया है कि प्रदेश के छोटे शहरों की प्रतिभा अब ग्लोबल मंच पर चमक रही है।
इस साल पास प्रतिशत में रिकॉर्ड सुधार, 83.87% छात्र हुए सफल
हिमाचल बोर्ड 10वीं की परीक्षा में इस वर्ष कुल 93,661 नियमित छात्रों ने हिस्सा लिया था। इनमें से 78,150 छात्र उत्तीर्ण घोषित किए गए हैं। इस साल का कुल पास प्रतिशत 83.87 फीसदी रहा है। यह पिछले साल के 79.8 प्रतिशत के मुकाबले लगभग 4 फीसदी अधिक है। बोर्ड ने 3 मार्च से 28 मार्च 2026 के बीच परीक्षाओं का आयोजन किया था। छात्रों के बेहतर प्रदर्शन ने शिक्षकों और अभिभावकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है।
टॉप-10 सूची में कई जिलों का रहा शानदार प्रदर्शन
मेरिट लिस्ट के शीर्ष 10 स्थानों पर कांगड़ा, हमीरपुर और मंडी जैसे जिलों का दबदबा दिखाई दिया। चौथे स्थान पर श्रुति, अस्मिता, ईशिता और निशा ने 696 अंकों के साथ अपनी जगह बनाई। पांचवें स्थान पर दीक्षा, अभिमन्यु, हर्षिता और एंजेल शर्मा सहित कई होनहारों ने 695 अंक प्राप्त किए। छठे स्थान पर भी कई छात्रों ने 694 अंक लेकर कड़ी प्रतिस्पर्धा पेश की। यह परिणाम प्रदेश में शिक्षा के गिरते स्तर की चिंताओं को दूर करने वाला है।
डिजिलॉकर और आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है स्कोरकार्ड
छात्र अपना परिणाम बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर रोल नंबर और जन्मतिथि दर्ज कर देख सकते हैं। इसके अलावा डिजिलॉकर (DigiLocker) और एसएमएस सेवा के माध्यम से भी नतीजे उपलब्ध हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन डाउनलोड की गई मार्कशीट प्रोविजनल होगी। छात्रों को अपने मूल प्रमाण पत्र और माइग्रेशन सर्टिफिकेट संबंधित स्कूलों से ही प्राप्त करने होंगे। सफल छात्रों के लिए अब आगे की पढ़ाई और करियर चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

