Himachal News: हिमाचल प्रदेश में कुदरत का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। मौसम विभाग ने आगामी पांच दिनों के लिए राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी की भी प्रबल संभावना है। मई के महीने में इस तरह के मौसमी बदलाव से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को संवेदनशील इलाकों में सफर न करने की सलाह दी है।
12 और 13 मई को ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार 12 और 13 मई को हालात सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। इन दो दिनों के लिए विभाग ने कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने का अनुमान है। सोमवार को भी कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर की स्पीड से हवाएं चलेंगी। 14 और 15 मई को भी गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी रहने की पूरी उम्मीद जताई गई है।
बर्फबारी से तापमान में गिरावट और बढ़ी ठंड
जनजातीय और ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी की संभावना है। इससे ऊपरी इलाकों में कड़ाके की ठंड लौट आई है। रविवार को भी अधिकांश क्षेत्रों में बादल छाए रहे, जिससे पहाड़ी इलाकों में सुबह-शाम ठिठुरन महसूस की जा रही है। मैदानी इलाकों में भी इस साल गर्मी और उमस गायब है। मई में बार-बार हो रही बारिश ने पारे को सामान्य से नीचे रखा है। केलांग जैसे इलाकों में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री तक गिर गया है, जो सर्दी जैसा अहसास दे रहा है।
प्रमुख शहरों का तापमान और प्रशासन की सावधानी
हिमाचल के प्रमुख शहरों में ठंडक बरकरार है। शिमला में न्यूनतम तापमान 14 डिग्री, जबकि कुफरी और मनाली में लगभग 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। कांगड़ा और ऊना जैसे मैदानी क्षेत्रों में भी पारा 20-22 डिग्री के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि खराब मौसम के दौरान बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहें। पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है। किसी भी आपात स्थिति से बचने के लिए पर्यटकों को मौसम की सटीक जानकारी लेकर ही निकलने को कहा गया है।

