हिमाचल में भाजपा का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: बगावत करने वाले इन दिग्गजों को पार्टी से निकाला, क्या अब बदलेगा चुनावी समीकरण?

Himachal News: हिमाचल प्रदेश में स्थानीय निकाय और पंचायतीराज चुनावों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने बागियों पर बड़ा एक्शन लिया है। पार्टी लाइन से हटकर चुनाव लड़ने वाले चार प्रमुख नेताओं को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने तत्काल प्रभाव से पार्टी से सस्पेंड कर दिया है। संगठन के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले इन कार्यकर्ताओं की प्राथमिक सदस्यता छीन ली गई है। इस कड़े फैसले से हिमाचल की राजनीति में हड़कंप मच गया है और अनुशासन का सख्त संदेश दिया गया है।

अनुशासन समिति की रिपोर्ट पर गिरी गाज

भाजपा की अनुशासन समिति ने जिला और मंडल स्तर से मिली शिकायतों का गहन विश्लेषण किया था। समिति ने अपनी जांच में पाया कि गौरव राजपूत, रजनी राजपूत, रामपाल और मुकेश वर्मा पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे। इन नेताओं ने सोलन नगर निगम चुनाव में आधिकारिक उम्मीदवारों के सामने ताल ठोक दी थी। समिति की सिफारिशों को गंभीरता से लेते हुए डॉ. राजीव बिंदल ने इन चारों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई को हरी झंडी दे दी है।

वार्ड नंबर-3 और 7 के समीकरणों में हलचल

सस्पेंड किए गए नेताओं में गौरव राजपूत भाजपा आईटी विभाग के मंडल सह-प्रभारी थे। वहीं, रजनी राजपूत महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य के रूप में सक्रिय थीं। इन दोनों ने वार्ड नंबर-3 से बगावत की थी। इसके अलावा वार्ड नंबर-7 से रामपाल और मुकेश वर्मा पर भी गाज गिरी है। पार्टी का मानना है कि इन बागियों की वजह से आधिकारिक उम्मीदवारों की जीत की राह मुश्किल हो सकती थी, इसलिए चुनाव से पहले यह कड़ा कदम उठाना अनिवार्य था।

संगठन ने दिया ‘जीरो टॉलरेंस’ का संदेश

भाजपा नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि संगठन विरोधी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्टी ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में भी अनुशासनहीनता पर इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। पार्टी की प्राथमिकता चुनाव में संगठनात्मक एकता बनाए रखना है। इस कार्रवाई का मकसद कार्यकर्ताओं के बीच यह संदेश देना है कि व्यक्ति से बड़ा संगठन होता है। अब देखना यह होगा कि इस निलंबन का चुनावी नतीजों पर क्या असर पड़ता है।

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