Himachal News: हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला ने दसवीं कक्षा का वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। इस बार के नतीजों में एक बार फिर बेटियों का जबरदस्त दबदबा देखने को मिला है। मेरिट लिस्ट के कुल 107 स्थानों में से 83 पर लड़कियों ने कब्जा कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। छात्रों को मेरिट लिस्ट में मात्र 24 स्थान ही मिल सके हैं। पास प्रतिशत के मामले में भी लड़कियों ने लड़कों को काफी पीछे छोड़ दिया है।
अनमोल ने 699 अंक लेकर प्रदेश भर में पाया पहला स्थान
कांगड़ा जिले के एवीएम पब्लिक स्कूल पहाड़ा की छात्रा अनमोल ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने 700 में से 699 अंक हासिल करके प्रदेश भर में प्रथम स्थान प्राप्त किया। उनका कुल स्कोर 99.86 प्रतिशत रहा है। दूसरे स्थान पर संयुक्त रूप से तीन विद्यार्थी रहे, जिन्होंने 698 अंक प्राप्त किए। इसमें ऊना के अभिनव मेहता, बिलासपुर की पूर्णिमा शर्मा और ऊना की रूहानी धीमान शामिल हैं। इन सभी विद्यार्थियों ने 99.71 प्रतिशत अंक पाकर गौरव बढ़ाया है।
बेटियों का पास प्रतिशत लड़कों के मुकाबले रहा बेहतर
बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार कुल 93,661 परीक्षार्थियों में से 78,150 विद्यार्थी सफल घोषित किए गए हैं। परीक्षा में शामिल 48,097 लड़कों में से 39,701 पास हुए, जिनका पास प्रतिशत 82 रहा। दूसरी ओर, 45,079 लड़कियों ने परीक्षा दी थी और उनमें से 38,449 लड़कियां उत्तीर्ण हुई हैं। लड़कियों का पास प्रतिशत 85 फीसदी से भी अधिक दर्ज किया गया है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि प्रदेश की बेटियां शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं।
मेरिट लिस्ट के शीर्ष पांच स्थानों पर लड़कियों का कब्जा
प्रदेश के पहले पांच स्थानों पर कुल 18 विद्यार्थियों ने अपनी जगह बनाई है। इनमें से 15 लड़कियां हैं, जो शिक्षा के प्रति उनकी गंभीरता को दर्शाता है। तीसरे स्थान पर अश्विका शर्मा और अलीशा ठाकुर ने 697 अंक लेकर सफलता पाई है। मेरिट लिस्ट में सबसे अधिक प्रतिस्पर्धा नौवें और दसवें स्थान पर देखने को मिली। नौवें स्थान पर सबसे ज्यादा 25 विद्यार्थी रहे, जबकि दसवें स्थान पर 24 विद्यार्थियों ने अपनी जगह सुरक्षित की है।
विविध जिलों से मेरिट में आए मेधावी छात्र
इस बार मेरिट लिस्ट में कांगड़ा, ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और मंडी के छात्रों का विशेष बोलबाला रहा। सातवें स्थान पर 13 और आठवें स्थान पर 19 विद्यार्थी काबिज हुए हैं। बोर्ड अधिकारियों ने सभी सफल परीक्षार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। मेरिट में चौथे से लेकर दसवें स्थान तक लड़कों की संख्या काफी सीमित रही। कुल 24 लड़कों के मुकाबले 83 लड़कियों का मेरिट में आना महिला सशक्तिकरण की एक नई मिसाल पेश करता है।

