Telangana News: वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से एक गंभीर अपील की है। उन्होंने कहा है कि पेट्रोल, डीजल और गैस का इस्तेमाल बहुत सोच-समझकर करें। तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने देश को इस भारी संकट से बचाने के लिए नौ खास सुझाव दिए हैं। उनका मानना है कि इन सभी उपायों से विदेशी मुद्रा बचेगी और अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने तेल कंपनियों के बढ़ते घाटे पर भी भारी चिंता जताई है।
प्रधानमंत्री ने मुश्किल समय में संयम बरतने को सच्ची देशभक्ति बताया है। उन्होंने कहा कि सिर्फ जान देना ही देशभक्ति नहीं है। आज देश के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी बहुत अहम है। आयातित ईंधनों पर हमारी निर्भरता काफी अधिक है। हमें अपनी जरूरत के हिसाब से ही इनका उपयोग करना चाहिए। ऐसा करने से वैश्विक युद्ध के कारण पड़ रहे बुरे प्रभावों को हम काफी हद तक कम कर सकते हैं।
पीएम मोदी ने तेलंगाना में 9,400 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसी दौरान उन्होंने दुनिया में चल रहे ऊर्जा संकट का जिक्र किया। इस संकट का असर भारत की तेल कंपनियों पर पड़ रहा है। इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम जैसी कंपनियां भारी नुकसान झेल रही हैं। इन कंपनियों को हर दिन करीब 1,700 करोड़ रुपये का बड़ा घाटा हो रहा है। पिछले दस हफ्तों में यह कुल नुकसान एक लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है।
ईंधन बचाने के लिए पीएम मोदी के 9 बड़े सुझाव
पीएम मोदी ने ऊर्जा और विदेशी मुद्रा बचाने के लिए नौ अहम सुझाव दिए हैं। उन्होंने जनता से मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा उपयोग करने को कहा है। निजी वाहनों की जगह कार-पूलिंग को अपनाने की सलाह दी गई है। माल ढुलाई के लिए रेलवे को प्राथमिकता देने को कहा गया है। प्रधानमंत्री ने लोगों से इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिकतम इस्तेमाल करने की अपील की है। केंद्र सरकार सीएनजी और एथेनॉल को भी तेजी से बढ़ावा दे रही है।
कोरोना काल की तरह एक बार फिर ‘वर्क फ्रॉम होम’ और ऑनलाइन मीटिंग्स को अपनाने पर जोर दिया गया है। देश का पैसा बचाने के लिए गैर-जरूरी विदेश यात्राओं से बचने की सलाह दी गई है। विदेशों में छुट्टियां मनाने के बजाय घरेलू पर्यटन को बढ़ावा दें। विदेशी मुद्रा को सुरक्षित रखने के लिए एक साल तक सोने की गैर-जरूरी खरीदारी टालने की भी अपील की गई है। इसके साथ ही स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को अपनाना बहुत जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए घरों में खाने के तेल का उपयोग कम करने को कहा है। उन्होंने सभी किसानों से रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल सीधा आधा करने की गुजारिश की है। किसानों को प्राकृतिक खेती की तरफ मुड़ना चाहिए ताकि मिट्टी की ताकत बनी रहे। डीजल पंपों की जगह सौर ऊर्जा से चलने वाले सिंचाई पंपों का उपयोग बढ़ाया जाना चाहिए। इससे आयात पर हमारी निर्भरता घटेगी और खेती की लागत भी काफी कम हो जाएगी।
राजनीति से ऊपर उठकर विकास का भरोसा
रैली में पीएम मोदी ने बंगाल चुनाव का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने तानाशाही को हराकर विकास को चुना है। उन्हें तेलंगाना में भी बदलाव की मजबूत लहर दिख रही है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि विकास के मामलों में राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने राज्य के हर परिवार को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार उनके सपनों को पूरा करने के लिए लगातार काम करती रहेगी।
अपने दौरे पर पीएम मोदी ने संवेदनशीलता की एक बड़ी मिसाल पेश की। उनका हेलीकॉप्टर सम्मेलन केंद्र पर उतरने वाला था। वहां एक स्थानीय विपक्षी नेता के बेटे की शादी का आयोजन हो रहा था। इस समारोह में हजारों मेहमान आने वाले थे। यह बात पता चलते ही प्रधानमंत्री ने अपना हेलीपैड बदलवा दिया। वे सड़क के रास्ते 18 किलोमीटर का सफर तय करके कार्यक्रम में पहुंचे। विपक्षी नेताओं ने भी उनके इस फैसले की जमकर तारीफ की है।

