Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के बागपत और गोरखपुर जिलों से महिलाओं के खिलाफ अपराध की दो हृदयविदारक घटनाएं सामने आई हैं। बागपत में एक महिला यूट्यूबर को शादी का झांसा देकर उसके इंस्टाग्राम दोस्त ने कई शहरों के होटलों में दुष्कर्म किया। वहीं, गोरखपुर में एक 45 वर्षीय व्यक्ति ने नाबालिग लड़की को फास्ट फूड खिलाने के बहाने खेत में ले जाकर अपनी हवस का शिकार बनाया। इन दोनों ही मामलों में पुलिस ने अब कड़ी कानूनी कार्रवाई और सघन जांच शुरू कर दी है।
देहाती फिल्म कंपनी में कार्यरत और अपना यूट्यूब चैनल चलाने वाली युवती की दोस्ती साल 2022 में इंस्टाग्राम के जरिए अमीनगर सराय के एक युवक से हुई थी। युवक ने दोस्ती को प्यार में बदलकर पीड़िता को दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के विभिन्न होटलों में ले जाकर कई बार शारीरिक संबंध बनाए। जब पीड़िता गर्भवती हुई और उसने शादी का दबाव बनाया, तो आरोपी युवक ने साफ इनकार कर दिया। आरोपी ने अब एक अन्य युवती को अपने जाल में फंसा लिया है।
विभिन्न जिलों में वारदात के कारण क्षेत्राधिकार की उलझन
बागपत पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने अपनी शिकायत में गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन तकनीकी रूप से घटनाएं दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के होटलों में घटित हुई हैं। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि हालांकि तहरीर प्राप्त हो गई है, लेकिन अपराध स्थल बागपत जनपद की सीमा में नहीं आता है। वर्तमान में पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और कानूनी राय के आधार पर केस को संबंधित जिले में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है।
दूसरी ओर, गोरखपुर के सिकरीगंज थाना क्षेत्र में एक बेहद शर्मनाक मामला प्रकाश में आया है। यहां 45 वर्षीय धनंजय साहनी, जो विदेश में काम करता है और हाल ही में अपनी ससुराल आया था, ने एक नाबालिग को निशाना बनाया। शुक्रवार रात आरोपी ने किशोरी को बाजार से फास्ट फूड खिलाने का लालच दिया और उसे सुनसान खेत में ले जाकर दुष्कर्म किया। पीड़िता ने घर लौटकर परिजनों को आपबीती सुनाई, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा।
आरोपी गिरफ्तार और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई
सिकरीगंज पुलिस ने पीड़िता की बहन की तहरीर पर धनंजय साहनी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। प्रभारी निरीक्षक अंजुल कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि आरोपी पर दुष्कर्म के साथ-साथ पॉक्सो (POCSO) एक्ट और एससी-एसटी एक्ट की कड़ी धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए शनिवार रात को ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। रविवार को उसे स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से माननीय न्यायाधीश ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
सोशल मीडिया के जरिए बढ़ते अपराधों और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर ये दोनों घटनाएं समाज के लिए एक बड़ी चेतावनी हैं। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करते समय सावधानी बरतें। साथ ही, बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखना भी अनिवार्य है। उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस विभाग इन मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए साक्ष्य जुटाने में लगे हैं।

