Karja News: समाज की झूठी शान का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। प्रेम विवाह करने पर एक परिवार ने अपनी ही जिंदा बेटी को मृत घोषित कर दिया। परिवार वालों ने हिंदू रीति-रिवाज के साथ उसका पुतला बनाया। उसे श्मशान घाट ले जाकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इस फैसले ने पूरे इलाके को चौंका दिया है। पुलिस इस अजीबोगरीब घटना की जांच कर रही है।
यह पूरा विवाद करीब एक महीने पहले शुरू हुआ था। गांव की एक युवती अपने प्रेमी के साथ अचानक घर छोड़कर चली गई थी। इसके बाद लड़की के परिजनों ने करजा थाने में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कुछ ही दिनों में युवती को सुरक्षित बरामद कर लिया। कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे न्यायालय में पेश किया गया। अदालत में युवती ने अपना बयान दर्ज कराया।
न्यायालय में बालिग होने का दावा और सामाजिक बहिष्कार
न्यायालय में जज के सामने युवती ने खुद को पूरी तरह से बालिग बताया। उसने साफ कहा कि वह अपने प्रेमी से शादी कर चुकी है। वह जीवन भर उसी के साथ रहना चाहती है। युवती ने अपने ही परिवार पर युवक के परिजनों को धमकाने का गंभीर आरोप भी लगाया। उसने सोशल मीडिया पर पुलिस अधिकारियों से मदद भी मांगी थी। अदालत में दिए गए इस बयान के बाद परिजन भड़क गए।
बेटी के इस कदम से गुस्साए समाज के लोगों ने परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया। गांव की पंचायत ने परिवार के सामने एक बेहद क्रूर शर्त रख दी। पंचायत ने फरमान सुनाया कि अगर वे अपनी बेटी को मृत मानकर उसका दाह संस्कार करेंगे, तभी उन्हें समाज में वापस लिया जाएगा। समाज के दबाव में आकर रविवार को परिवार ने बेटी का पुतला बनाया। इसके बाद उसकी अर्थी निकाली गई और श्मशान घाट पर उसे जला दिया गया।
इस प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार की घटना ने पूरे क्षेत्र में भारी हलचल मचा दी है। स्थानीय मुखिया विकास कुमार सिंह ने इस हैरान करने वाली घटना की पुष्टि की है। उन्होंने माना कि समाज के दबाव में यह कदम उठाया गया है। दूसरी तरफ, करजा थाना अध्यक्ष रामकृष्ण परमहंस ने बताया कि पुलिस ने युवती का कोर्ट में बयान दर्ज करा दिया था। हालांकि, उन्होंने लड़की के दाह संस्कार और पुतला जलाने जैसी जानकारी होने से साफ इनकार किया है।

