Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में कुदरत का मिजाज अचानक बदल गया है। मौसम विभाग ने राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जैसे प्रमुख जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। अचानक आए इस बदलाव से सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। लोग अब आने वाले घंटों में भारी बारिश और बिजली गिरने की आशंका से सहमे हुए हैं।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से यह अस्थिरता पैदा हुई है। इस मौसमी सिस्टम के चलते पहाड़ी राज्यों में तापमान में अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड लौट आई है। मौसम विभाग ने अगले अड़तालीस घंटों तक स्थिति के और बिगड़ने की संभावना जताई है। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को इस दौरान खुले स्थानों और नदी-नालों के पास न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
चमकती बिजली और तेज हवाओं ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें
चंबा और कांगड़ा के मैदानी इलाकों में तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी भी चली है। कुल्लू और मंडी के ऊपरी इलाकों में बादल गरजने के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। स्थानीय प्रशासन ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करें। बिजली गिरने की आशंका के चलते घर के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।
मौसम के इस यू-टर्न ने किसानों के माथे पर भी चिंता की लकीरें खींच दी हैं। हालांकि कुछ इलाकों में हल्की बारिश फसलों के लिए संजीवनी साबित हो सकती है। वहीं दूसरी ओर तेज हवाएं और ओलावृष्टि खड़ी फसलों को तबाह कर सकती हैं। बागवानों को डर है कि कहीं गुच्छों में आ रहे फूलों को नुकसान न पहुंच जाए। कृषि विभाग ने किसानों को अपनी कटी हुई फसल सुरक्षित स्थानों पर रखने का परामर्श जारी किया है।
प्रशासन हाई अलर्ट पर, आपदा प्रबंधन विभाग की हर हरकत पर नजर
हिमाचल सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग को हाई अलर्ट मोड पर रखा है। जिला प्रशासन की टीमें किसी भी संभावित नुकसान से निपटने के लिए चौबीसों घंटे तैनात हैं। संवेदनशील इलाकों में सड़कों की बहाली के लिए मशीनरी को तैयार रखा गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय स्वयं स्थिति की निगरानी कर रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे राहत कार्यों में किसी भी तरह की देरी न होने दें।
आने वाले अड़तालीस घंटों के दौरान मौसम के तेवर और कड़े हो सकते हैं। पर्यटकों को पहाड़ी रास्तों पर ड्राइविंग करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है। मौसम विभाग के अनुसार जब तक पश्चिमी विक्षोभ का असर कम नहीं होता, तब तक राहत की उम्मीद कम है। लोगों को आधिकारिक मौसम बुलेटिन और रेडियो संदेशों पर नजर बनाए रखने की हिदायत दी गई है। प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।


