उत्तराखंड में ‘ऑपरेशन प्रहार’ का बड़ा एक्शन: ऋषिकेश में मिली विदेशी घुसपैठिया, खुलासे से उड़ी पुलिस की नींद

Uttarakhand News: उत्तराखंड पुलिस ने ऋषिकेश में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। प्रदेशभर में चल रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत एक संदिग्ध बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया गया है। यह महिला अवैध रूप से सीमा पार करके भारत में दाखिल हुई थी। वह पिछले एक महीने से दिल्ली के रास्ते होकर ऋषिकेश में रह रही थी। इस गिरफ्तारी से सुरक्षा एजेंसियों में भारी हड़कंप मच गया है। पुलिस अब घुसपैठ से जुड़े पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।

रिटायर्ड ब्रिगेडियर की मौत के बाद चला सघन अभियान

देहरादून के राजपुर रोड पर एक रिटायर्ड ब्रिगेडियर की रोडरेज में दुखद मौत हुई थी। इसके बाद सरकार ने तत्काल ‘ऑपरेशन प्रहार’ शुरू करने के सख्त निर्देश दिए। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में मौजूद बाहरी लोगों का सत्यापन करना है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां लगातार बाहरी व्यक्तियों की गहन जांच कर रही हैं। इसी सख्त चेकिंग अभियान के कारण उत्तराखंड पुलिस को लगातार कई बड़ी और अहम गिरफ्तारियां करने में भारी सफलता हासिल हो रही है।

पुलिस और खुफिया विभाग की टीम ने बिछाया जाल

कोतवाल कैलास चंद्र भट्ट ने बताया कि स्थानीय खुफिया इकाई को क्षेत्र में एक संदिग्ध महिला की मौजूदगी की पुख्ता भनक लगी थी। यह बेहद गोपनीय सूचना मिलते ही एलआईयू और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम अलर्ट हो गई। दोनों विभागों की टीम ने तुरंत महिला की तलाश शुरू कर दी। बुधवार को इस सतर्क टीम ने चारधाम ट्रांजिट केंद्र के पीछे वाली सड़क पर घेराबंदी कर ली। वहीं से इस संदिग्ध बांग्लादेशी महिला को सुरक्षित गिरफ्तार कर लिया गया।

महिला के पास मिले संदिग्ध और फर्जी दस्तावेज

गिरफ्तार की गई विदेशी महिला की पहचान चौबीस वर्षीय रीना के रूप में हुई है। वह बांग्लादेश के सरियातपुर जिले की मूल निवासी है। पुलिस टीम ने जब इस महिला की गहन तलाशी ली, तो कई चौंकाने वाली चीजें मिलीं। उसके पास से बांग्लादेश का मूल पहचान-पत्र और वहां की नागरिकता के प्रमाण-पत्र की कॉपी बरामद हुई। इसके अलावा महिला के पास से एक मोबाइल फोन और भारत का एक फर्जी पहचान पत्र भी पुलिस को मौके पर मिला है।

रोजगार का लालच देकर सीमा पार कराने वाला फरार

पुलिस की पूछताछ में महिला ने अपने सफर को लेकर कई बड़े राज खोले हैं। उसने बताया कि वह सोशल मीडिया के जरिये रिपोन नाम के एक भारतीय व्यक्ति के संपर्क में आई थी। उसी व्यक्ति ने उसे भारत में अच्छी नौकरी और रोजगार दिलाने का लालच दिया था। उसी के सहारे वह अवैध रूप से सीमा पार करके तेरह अप्रैल को दिल्ली से ऋषिकेश पहुंची थी। पुलिस अब मास्टरमाइंड रिपोन की सरगर्मी से तलाश करने में जुटी हुई है।

देहरादून में पिछले हफ्ते पकड़ा गया था आईएसआई एजेंट

उत्तराखंड में संदिग्ध गतिविधियों का यह कोई पहला मामला बिल्कुल नहीं है। मात्र सात दिन पहले ही देहरादून के प्रेमनगर इलाके से एक आईएसआई एजेंट को अरेस्ट किया गया था। जांच के दौरान उस खतरनाक एजेंट का सीधा कनेक्शन पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी से जुड़ता पाया गया था। उसके तार ‘तहरीक-ए-तालिबान हिन्दुस्तान’ जैसे खूंखार आतंकी संगठन से भी जुड़े मिले थे। इन लगातार हो रही बड़ी गिरफ्तारियों ने राज्य की तमाम सुरक्षा एजेंसियों की नींद पूरी तरह उड़ा दी है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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