Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में हुए चर्चित सिया हत्याकांड की गुत्थी एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी उलझी हुई है। सरकाघाट उपमंडल को दहला देने वाली इस वारदात में पुलिस की जांच अब भी कई अनसुलझे सवालों के घेरे में है। हालांकि, वैज्ञानिक साक्ष्यों के मोर्चे पर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वारदात में इस्तेमाल किए गए दराट पर मिले खून के धब्बों का फोरेंसिक मिलान मृतका सिया के रक्त से हो गया है। डीएनए रिपोर्ट ने भी इसकी पुष्टि कर दी है, लेकिन हत्या की असली वजह अब भी एक रहस्य बनी हुई है।
पुलिस की ‘बीड़ी वाली दलील’ पर उठ रहे सवाल
पुलिस की मौजूदा थ्योरी के अनुसार, आरोपी विशाल पटियाल बीड़ी खरीदने के लिए पैसे न मिलने से परेशान था। इसी मानसिक तैश में वह घर से दराट लेकर निकला और रास्ते में सिया पर हमला कर दिया। स्थानीय लोग और कानून के जानकार इस दलील को गले नहीं उतार पा रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर आरोपी गुस्से में था, तो उसने रास्ते में मिले अन्य ग्रामीणों को छोड़कर केवल सिया को ही निशाना क्यों बनाया? घर से घटनास्थल तक के दो किलोमीटर के रास्ते में उसे कई लोग मिले थे।
खून से सना दराट और कपड़ों का हुआ मिलान
जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या के बाद आरोपी ने खून से लथपथ दराट को सिद्ध बाबा हरदयाल मंदिर के पास एक नाले में धोया था। हालांकि, वह दराट को पूरी तरह साफ करने में नाकाम रहा और उस पर खून के अंश बाकी रह गए थे। आरोपी के कपड़ों से मिले खून के नमूनों का भी सिया के ब्लड ग्रुप से मिलान हो गया है। पुलिस ने इन सभी साक्ष्यों को विस्तृत जांच के लिए मंडी स्थित क्षेत्रीय फोरेंसिक साइंस लैब (RFSL) भेजा है।
हत्या का हथियार मिला पर ‘हुड’ अब भी गायब
पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती आरोपी का वह खून से सना ‘हुड’ बरामद करना है, जो उसने वारदात के वक्त पहना था। सात दिन की सघन तलाशी के बाद भी पुलिस को यह पता नहीं चल सका है कि आरोपी ने इसे कहां छिपाया है। रिमांड खत्म होने के बाद सोमवार को विशाल पटियाल को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब किसी दूसरे पक्ष के शामिल होने की संभावनाओं की भी गहराई से जांच कर रही है।
50 लोगों से पूछताछ और आगे की कार्रवाई
मंडी पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक 50 से अधिक लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। जांच में पता चला कि आरोपी को उसकी मां प्रतिदिन बीड़ी के लिए 20 रुपये देती थी, लेकिन घटना वाले दिन उसने केवल 10 रुपये ही दिए थे। वे 10 रुपये आरोपी की जेब से बरामद भी हुए हैं। पुलिस अधीक्षक मंडी विनोद कुमार ने बताया कि मामले की हर पहलू से तफ्तीश की जा रही है। फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही न्यायालय में चालान पेश किया जाएगा।
