Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों का लंबा इंतजार आज खत्म होने जा रहा है। राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची मंगलवार दोपहर ठीक 3:30 बजे एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं। इस दौरान प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव शेड्यूल का आधिकारिक एलान किया जाएगा। निर्वाचन आयोग ने मतदान की सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस घोषणा के साथ ही पूरे प्रदेश में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो जाएगी, जिससे विकास कार्यों की रफ्तार पर फिलहाल ब्रेक लग जाएगा।
तीन चरणों में होगा लोकतंत्र का महापर्व
राज्य निर्वाचन आयोग इस बार पंचायत चुनाव तीन चरणों में आयोजित करने की योजना बना रहा है। भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए मतदान की तारीखें तय की जा रही हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने सख्त निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में पंचायत और शहरी निकायों के चुनाव 31 मई से पहले हर हाल में संपन्न करा लिए जाएं। प्रेस वार्ता के दौरान आयुक्त यह भी स्पष्ट करेंगे कि शहरी निकायों के चुनाव कब होंगे। आयोग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि निकाय और पंचायत चुनाव अलग-अलग समय पर कराए जा सकते हैं।
अधिकारियों को ‘स्टेशन’ न छोड़ने के सख्त निर्देश
चुनावी बिगुल बजने की आहट मिलते ही प्रशासनिक अमला पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों के उपायुक्तों (DC) और उपमंडलाधिकारियों (SDM) को मुख्यालय न छोड़ने के कड़े आदेश दिए हैं। इसके अलावा जिला पंचायत अधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों (BDO) की छुट्टियों पर भी रोक लगा दी गई है। आयोग चाहता है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही न हो। सभी अधिकारियों को चुनावी ड्यूटी के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
3758 पंचायतों में दांव पर होगी दिग्गजों की साख
हिमाचल प्रदेश की कुल 3758 ग्राम पंचायतों में प्रधान, उपप्रधान और वार्ड पंचों के पदों के लिए मतदान होगा। इसके साथ ही जिला परिषद और पंचायत समिति (BDC) सदस्यों के भाग्य का फैसला भी जनता करेगी। शहरी क्षेत्रों की बात करें तो कुल 74 निकायों में से 53 में चुनाव कराए जाने हैं। शिमला नगर निगम का कार्यकाल अभी शेष है, जबकि नवनिर्मित निकायों में दो साल बाद चुनाव का प्रावधान है। कुछ क्षेत्रों में आरक्षण रोस्टर को लेकर चल रही कानूनी प्रक्रिया के कारण विलंब हुआ है।
50 हजार कर्मचारी संभालेंगे चुनावी कमान
प्रदेश में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए करीब 50 हजार सरकारी कर्मचारियों की फौज तैनात की जा रही है। ये कर्मचारी दुर्गम क्षेत्रों से लेकर मैदानी इलाकों तक चुनावी ड्यूटियां निभाएंगे। निर्वाचन आयोग ने इस बार कर्मचारियों के उत्साहवर्धन के लिए उनके चुनाव भत्ते में भी विशेष बढ़ोतरी की है। आयोग ने भरोसा दिलाया है कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच मतदान प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराया जाएगा। आज की घोषणा के बाद उम्मीदवारों के नामांकन की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी।
