Kullu News: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में पर्यटन को नई ऊंचाइयां देने के लिए सुक्खू सरकार ने एक बड़ा साहसिक फैसला लिया है। अब जिला कुल्लू में बिजली महादेव के बजाय पिरड़ी से काइसधार तक भव्य रोपवे का निर्माण किया जाएगा। इस नए प्रोजेक्ट से कुल्लू-मनाली आने वाले सैलानियों को एक नया और बेहद खूबसूरत पर्यटन स्थल देखने को मिलेगा। सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को ‘महाराजा रोपवे’ का नाम दिया है, जिसकी कुल लंबाई चार किलोमीटर प्रस्तावित की गई है।
विरोध के बाद बदला गया रोपवे का रूट
शुरुआत में सरकार ने पिरड़ी से बिजली महादेव तक रोपवे बनाने की योजना तैयार की थी। इसके लिए करीब ढाई सौ करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत हो गया था। हालांकि, खराहल घाटी और कशावरी फाटी के स्थानीय ग्रामीणों ने इस निर्माण का कड़ा विरोध किया। जनभावनाओं और विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए प्रशासन को बिजली महादेव रोपवे का कार्य रोकना पड़ा। अब सरकार ने स्थानीय लोगों की सहमति से नए रूट पर काम करने का निर्णय लिया है।
विधायक की पहल पर मिली मुख्यमंत्री की मंजूरी
बिजली महादेव प्रोजेक्ट रुकने के बाद महाराजा कोठी विकास मंच ने एक नया प्रस्ताव रखा। मंच ने महाराजा क्षेत्र में पर्यटन विकास के लिए स्थानीय विधायक सुंदर सिंह ठाकुर को पत्र सौंपा। विधायक ने तत्काल मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात कर काइसधार रूट के लिए स्वीकृति मांगी। मुख्यमंत्री की हरी झंडी मिलने के बाद अब इस प्रोजेक्ट के लिए बजट को ढाई सौ करोड़ से बढ़ाकर तीन सौ करोड़ रुपये कर दिया गया है।
ड्रोन सर्वे पूरा, दो पंचायतों ने दी हरी झंडी
महाराजा रोपवे के निर्माण के लिए तकनीकी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। हाल ही में बल्ह-दो और बाराहार पंचायतों के अधिकार क्षेत्र में ड्रोन के जरिए विस्तृत सर्वे पूरा कर लिया गया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दोनों ही पंचायतों ने इस प्रोजेक्ट के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) दे दिया है। स्थानीय लोगों के समर्थन से अब इस चार किलोमीटर लंबे रोपवे के निर्माण में कोई कानूनी या सामाजिक बाधा नहीं बची है।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा भारी बढ़ावा
काइसधार कुल्लू का एक अनछुआ और बेहद खूबसूरत पर्यटन स्थल है। अभी तक वहां पहुंचने के लिए पर्यटकों को उचित सड़क और परिवहन सुविधाएं नहीं मिल रही थीं। रोपवे बनने से यहां सैलानियों की आवाजाही कई गुना बढ़ जाएगी। महाराजा कोठी विकास मंच के सचिव सुखराम ठाकुर ने बताया कि इस प्रोजेक्ट से स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के सैकड़ों नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही कुल्लू घाटी के पर्यटन मानचित्र पर काइसधार एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।
