HP-Punjab Connectivity: पौंग बांध पर बनेगा 840 मीटर लंबा महासेतु, सुक्खू सरकार ने दिया फतेहपुर को 103 करोड़ का तोहफा

Himachal Pradesh News: जिला कांगड़ा के फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास की एक नई इबारत लिखी जा रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पौंग बांध के पास बनने वाले एक अति-महत्वपूर्ण पुल का भूमि पूजन कर क्षेत्र को बड़ी सौगात दी है। इस पुल के निर्माण से न केवल हिमाचल और पंजाब के बीच भौगोलिक दूरियां कम होंगी, बल्कि हजारों लोगों को दशकों पुराने सुरक्षा प्रतिबंधों से भी आजादी मिलेगी। यह पुल पौंग बांध के डाउनस्ट्रीम में स्थाना गांव के पास बनाया जा रहा है।

सेतु बंधन योजना से संवरेगा फतेहपुर और इंदौरा

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को केंद्र सरकार की ‘सेतु बंधन योजना’ के तहत मंजूरी मिली है। लगभग 103.65 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि से निर्मित होने वाला यह पुल 840 मीटर लंबा होगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि लोक निर्माण विभाग ने सभी तकनीकी औपचारिकताओं और बजट को मंजूरी दे दी है। अब धरातल पर निर्माण कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है। इस पुल के बनने से फतेहपुर के साथ-साथ जवाली और इंदौरा जैसे क्षेत्रों के हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

18 महीनों में खत्म होगा दशकों का इंतजार

प्रशासन ने इस पुल को तैयार करने के लिए 18 महीने की समय सीमा तय की है। वर्तमान में पंजाब का तलवाड़ा बाजार संसारपुर टैरेस से महज 300 मीटर दूर है। इसके बावजूद पौंग बांध पर सुरक्षा कारणों से लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। रात के समय वाहनों की आवाजाही पर रोक और पैदल चलने की मनाही के चलते स्थानीय जनता को काफी परेशानी झेलनी पड़ती थी। नया पुल इन सभी बाधाओं को स्थायी रूप से खत्म कर देगा।

औद्योगिक क्रांति और रोजगार के खुलेंगे द्वार

कनेक्टिविटी में सुधार के साथ ही यह परियोजना क्षेत्र की आर्थिकी को नई गति देगी। पुल के निर्माण से परिवहन, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों में उछाल आना तय है। विशेष रूप से जखबड़ में प्रस्तावित नए औद्योगिक क्षेत्र को इसका सबसे अधिक लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से बाहरी निवेशक आकर्षित होंगे। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के सैकड़ों नए अवसर पैदा होंगे, जिससे पलायन की समस्या भी कम होगी।

आधुनिक इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना

तकनीकी रूप से यह पुल आधुनिक इंजीनियरिंग की श्रेष्ठता को प्रदर्शित करेगा। 17 मजबूत पिलरों पर आधारित इस ढांचे का लगभग 200 मीटर हिस्सा आधुनिक स्टील संरचना का होगा। बाकी 640 मीटर भाग आरसीसी तकनीक से बनाया जाएगा। इसमें 120 मीटर और 80 मीटर के दो विशाल स्टील स्पैन दिए गए हैं, जो पुल को मजबूती और टिकाऊपन प्रदान करेंगे। यह पुल भविष्य की यातायात आवश्यकताओं और भारी वाहनों के भार को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
/ month
placeholder text

Hot this week

Topics

Related Articles

Popular Categories