Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में ‘छोटी सरकार’ चुनने का वक्त आ गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनावों की तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। शिमला में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने चुनावी बिगुल फूंका। इस घोषणा के साथ ही पूरे प्रदेश में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। करीब 3600 ग्राम पंचायतों और 51 शहरी निकायों में मतदान की प्रक्रिया शुरू होने वाली है।
इन 4 बड़े नगर निगमों में होगा शक्ति प्रदर्शन
इस बार का शहरी निकाय चुनाव बेहद दिलचस्प होने वाला है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, प्रदेश के चार प्रमुख नगर निगमों में मतदान होगा। इनमें धर्मशाला, पालमपुर, सोलन और मंडी शामिल हैं। इन शहरों में मेयर और पार्षदों के पदों के लिए कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। इसके अलावा, राज्य की 25 नगर परिषदों में भी चुनाव कराने का निर्णय लिया गया है। राजनीतिक दल इन शहरी क्षेत्रों में अपनी पैठ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं।
3600 पंचायतों में लोकतांत्रिक महापर्व की तैयारी
ग्रामीण क्षेत्रों की बात करें तो करीब 3600 पंचायतों में चुनाव आयोजित किए जाएंगे। ग्राम प्रधान, उप-प्रधान और वार्ड सदस्यों के लिए ग्रामीण मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि 51 शहरी निकायों में चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया जाएगा। पंचायतों में चुनाव होने से ग्रामीण विकास की रुकी हुई योजनाओं को नई गति मिलेगी। प्रशासन ने मतदान केंद्रों की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
आदर्श चुनाव आचार संहिता हुई लागू
राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि चुनाव की घोषणा के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श चुनाव आचार संहिता प्रभावी हो गई है। अब सरकार किसी भी नई योजना की घोषणा या उद्घाटन नहीं कर सकेगी। आयोग ने सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से चुनाव आचार संहिता का कड़ाई से पालन करने की अपील की है। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मतदाता सूचियों को अंतिम रूप दे दिया गया है और पोलिंग पार्टियों की ट्रेनिंग जल्द शुरू होगी।
प्रशासन और सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद
चुनावों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना निर्वाचन आयोग के लिए बड़ी चुनौती है। राज्य के दुर्गम क्षेत्रों में मतदान सामग्री पहुंचाना और सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। पुलिस विभाग ने अति-संवेदनशील और संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान कर ली है। यहां अतिरिक्त पुलिस बल और होमगार्ड के जवानों की तैनाती की जाएगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्रामीण और शहरी मतदाता अब अपने जन-प्रतिनिधियों को चुनने के लिए तैयार हैं।
