भारतीय रेलवे में कोच बनना अब नहीं होगा आसान: खिलाड़ियों के लिए जारी हुए बेहद कड़े नियम, मेडल के साथ चाहिए इतने पॉइंट्स

Indian Railway News: रेलवे स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड (आरएसपीबी) ने अपने खिलाड़ियों के लिए कोच बनने की चयन प्रक्रिया को पूरी तरह बदल दिया है। नए नियमों के तहत अब केवल पदक जीतने वाले शानदार ट्रैक रिकॉर्ड वाले खिलाड़ी ही कोचिंग की जिम्मेदारी संभाल सकेंगे। बोर्ड ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (एनआईएस) डिप्लोमा कोर्स के लिए मानक काफी कड़े कर दिए हैं। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य रेलवे की खेल प्रतिभाओं को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण देना और केवल योग्य विशेषज्ञों को ही मौका देना है।

कोच बनने के लिए अब अनिवार्य होगा पदकों और अंकों का हिसाब

नए नियमों के अनुसार अब किसी भी खिलाड़ी को एनआईएस डिप्लोमा के लिए तभी प्रायोजित किया जाएगा, जब उसके पास सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में कम से कम एक पदक हो। पदक के साथ-साथ संबंधित खिलाड़ी के पास कुल 10 अंक होने भी अनिवार्य हैं। यदि किसी खिलाड़ी ने अपने करियर में कोई मेडल नहीं जीता है, तो उसे विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के माध्यम से न्यूनतम 20 अंक जुटाने होंगे। यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि केवल अनुभवी खिलाड़ी ही कोच पद के दावेदार बनें।

ओलंपिक से लेकर इंटर-रेलवे तक तय हुए विशेष अंक

रेलवे ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर अंकों का एक पारदर्शी ढांचा तैयार किया है। इसमें ओलंपिक में भाग लेने या पदक जीतने पर 28 अंक और एशियाई खेलों के लिए 14 अंक निर्धारित किए गए हैं। इसी तरह इंटर-रेलवे चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को चार अंक दिए जाएंगे। यह अंक प्रणाली खिलाड़ियों के पूरे करियर के प्रदर्शन का आकलन करेगी। भविष्य में बिना पर्याप्त अंक और बेहतरीन प्रदर्शन के कोचिंग करियर का सपना देखना खिलाड़ियों के लिए अब मुमकिन नहीं होगा।

सक्रिय खिलाड़ियों के लिए कोचिंग के दरवाजे हुए बंद

रेलवे ने एक और बड़ा बदलाव करते हुए अब सक्रिय खिलाड़ियों के कोच बनने पर रोक लगा दी है। अब कोच बनने के लिए खिलाड़ी को राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय खेल से कम से कम तीन साल तक दूर रहना होगा। आवेदन प्रक्रिया में भी सख्ती बढ़ा दी गई है। अब खिलाड़ियों को अपनी संबंधित रेलवे यूनिट के ‘प्रेसिडेंट ऑफ स्पोर्ट्स एसोसिएशन’ से व्यक्तिगत मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। यह कदम कोचिंग की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए उठाया गया है।

कोर्स के बाद चार साल तक देनी होगी अनिवार्य सेवा

रेलवे के खर्चे पर एनआईएस डिप्लोमा करने वाले खिलाड़ियों को अब एक कानूनी शपथ पत्र देना होगा। इस हलफनामे के तहत कोर्स पूरा करने के बाद उन्हें कम से कम चार साल तक रेलवे को अपनी सेवाएं देनी होंगी। उप-निदेशक (स्पोर्ट्स) रविंदर कुमार ने इस संबंध में सभी रेलवे जोन को पत्र जारी कर दिया है। यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। बोर्ड का मानना है कि इससे रेलवे को लंबे समय तक अनुभवी कोचों का लाभ मिलता रहेगा।

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