हिमाचल पंचायत चुनाव में टूटा रिकॉर्ड, जानिए किस जिले से आए सबसे ज्यादा हैरान करने वाले आंकड़े?

Shimla News: हिमाचल प्रदेश के पंचायती राज चुनावों में इस बार एक नया इतिहास रच दिया गया है। सोमवार को नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने तक राज्यभर से करीब 80 हजार उम्मीदवारों ने अपने पर्चे दाखिल किए हैं। यह भारी उत्साह ग्रामीण स्तर पर लोकतंत्र की मजबूती को दर्शाता है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, आखिरी दिन 37 हजार से ज्यादा लोगों ने दावा पेश किया है। अब प्रशासन आगे की जांच प्रक्रिया में पूरी तरह जुट गया है।

आंकड़ों पर नजर डालें तो कांगड़ा जिला पूरे राज्य में सबसे आगे रहा है। यहां से 14,590 लोगों ने चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है। मंडी जिला भी पीछे नहीं है। वहां 14,517 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र भरे हैं। इसके अलावा चंबा से 8,002 और शिमला से 7,614 पर्चे दाखिल हुए हैं। सबसे कम 493 नामांकन जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति से आए हैं। हालांकि, पांगी विकासखंड की अंतिम रिपोर्ट आने पर यह आंकड़ा कुछ और बढ़ सकता है।

नारकंडा में निर्विरोध चुनाव, आज से होगी जांच

चुनावी गहमागहमी के बीच नारकंडा नगर पंचायत ने अलग मिसाल पेश की है। वहां सभी सदस्य निर्विरोध चुन लिए गए हैं। इसलिए वहां मतदान कराने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। वहीं रोहडू नगर परिषद में 22 प्रत्याशियों ने ताल ठोकी है। मंगलवार से सभी नामांकन पत्रों की बारीकी से जांच शुरू हो गई है। रिटर्निंग अधिकारी सुबह से उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। उम्मीदवार 15 मई तक आसानी से अपना नाम वापस ले सकते हैं।

नाम वापसी का समय खत्म होते ही 15 मई को चुनाव चिन्ह दे दिए जाएंगे। पंचायत चुनाव पूरी तरह से बैलेट पेपर और बैलेट बॉक्स के जरिए होंगे। पूरी मतदान प्रक्रिया को तीन चरणों में बांटा गया है। पहला चरण 26 मई को और दूसरा 28 मई को आयोजित होगा। इसका तीसरा और अंतिम चरण 30 मई को संपन्न होगा। मतदाता तय तारीखों पर सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक वोट डाल सकेंगे।

31 हजार से ज्यादा पदों पर 54 लाख मतदाता

हिमाचल प्रदेश की 3,758 पंचायतों में 31,214 पदों के लिए यह महामुकाबला होगा। चुनाव में अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं के लिए विशेष आरक्षण की व्यवस्था की गई है। राज्य में लगभग 54 लाख मतदाता प्रत्याशियों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव सुरजीत सिंह राठौड़ ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने मतदाता जागरूकता अभियान को जमीनी स्तर पर और तेज करने की हिदायत दी है।

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