Bihar-Bengal News: पश्चिम बंगाल के कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में एक बड़ा खुलासा हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब ‘बिहार कनेक्शन’ सामने आया है। बिहार एसटीएफ और बंगाल पुलिस की संयुक्त टीम ने बक्सर जिले में छापेमारी कर तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान विक्की मौर्या, मयंक मिश्रा और विशाल श्रीवास्तव के रूप में हुई है। इस गिरफ्तारी से हत्याकांड की गुत्थी सुलझने की उम्मीद जगी है।
चोरी की कार और 50 हजार की सुपारी
पुलिस जांच में पता चला है कि हत्याकांड में इस्तेमाल की गई सिल्वर रंग की निसान माइक्रा कार बिहार के युवक ही हावड़ा लेकर आए थे। विक्की मौर्या और मयंक मिश्रा इस चोरी की कार को झारखंड के धनबाद से हावड़ा तक पहुंचाए थे। सूत्रों के अनुसार, इस काम के बदले दोनों को 50-50 हजार रुपये दिए गए थे। कार का इस्तेमाल वारदात के समय चंद्रनाथ रथ की गाड़ी को रोकने के लिए किया गया था।
हावड़ा में बदली गई कत्ल की साजिश
पूछताछ के दौरान आरोपितों ने बताया कि हावड़ा पहुंचने के बाद गिरोह के अन्य सदस्यों ने कार को अपने कब्जे में ले लिया था। इसके बाद विक्की और मयंक को वापस भेज दिया गया। दोनों ने दावा किया है कि वे हत्या के समय घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे। हालांकि, बंगाल पुलिस अब उस मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है जिसने इन युवकों को हावड़ा बुलाया और कार पहुंचाने की डील फाइनल की थी।
यूपीआई ट्रांजैक्शन से मिला सबसे बड़ा सुराग
इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में डिजिटल इंडिया के सबूत सबसे कारगर साबित हुए। वारदात में इस्तेमाल कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी और फास्टैग भी नहीं था। धनबाद से हावड़ा जाते समय टोल प्लाजा पर टोल टैक्स के लिए यूपीआई (UPI) के जरिए भुगतान किया गया था। इसी ट्रांजैक्शन ने पुलिस को आरोपियों के मोबाइल नंबर तक पहुंचा दिया। मोबाइल लोकेशन को ट्रेस करते हुए पुलिस टीम ने बक्सर में दबिश दी।
आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार विक्की मौर्या और मयंक मिश्रा पहले भी आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं। उन पर पूर्व में भी एक-एक मामला दर्ज है। इसके अलावा, उन्हें शरण देने वाले विशाल श्रीवास्तव का भी पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। बिहार पुलिस फिलहाल विशाल से पूछताछ कर रही है, जबकि विक्की और मयंक को कानूनी प्रक्रिया के बाद बंगाल पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
जांच एजेंसियों की बड़ी छापेमारी जारी
चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच अब कई राज्यों में फैल चुकी है। यूपीआई पेमेंट और मोबाइल इनपुट के आधार पर बंगाल पुलिस कई अन्य संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि पकड़े गए आरोपी इस बड़ी साजिश का एक छोटा हिस्सा हैं। जल्द ही इस मामले में कुछ और बड़े चेहरों की गिरफ्तारी हो सकती है, जिससे इस राजनैतिक हत्या के पीछे की असल मंशा साफ हो पाएगी।

