गैस सिलेंडर की किल्लत की अफवाहों पर सरकार का बड़ा प्रहार, जानें क्या है असली सच्चाई?

New Delhi News: देश में गैस सिलेंडर की कमी की अफवाहों पर सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया है कि भारत में एलपीजी का स्टॉक मौजूद है। होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने के बावजूद घरेलू आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हर घर तक गैस पहुंचाना सरकार की पहली प्राथमिकता है। नागरिकों से पैनिक बाइंग न करने की अपील की गई है। सरकार पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

बुकिंग से ज्यादा गैस सिलेंडरों की डिलीवरी

मंत्रालय के अनुसार पिछले तीन दिनों में गैस वितरण का नया रिकॉर्ड बना है। देशभर में कुल एक करोड़ चौदह लाख सिलेंडर बुक किए गए थे। इसके मुकाबले तेल कंपनियों ने एक करोड़ छब्बीस लाख घरों में डिलीवरी की है। सरकार ने पुराना सारा बैकलॉग तेजी से खत्म कर दिया है। इसके साथ ही कमर्शियल एलपीजी की मांग भी पूरी की जा रही है। तीन दिन के अंदर सत्रह हजार टन कमर्शियल गैस की आपूर्ति हुई है।

कालाबाजारी करने वाले डिस्ट्रीब्यूटर्स पर कड़ा एक्शन

संकट की इस घड़ी में मुनाफाखोरी करने वालों पर कड़ा प्रहार किया गया है। सरकारी एजेंसियों ने देशभर में पंद्रह सौ से अधिक स्थानों पर सघन छापेमारी की है। नियमों को तोड़ने वाले तीन सौ बयासी गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स पर भारी आर्थिक जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा गंभीर गड़बड़ी करने वाली छिहत्तर गैस एजेंसियों का लाइसेंस तुरंत सस्पेंड कर दिया गया। सरकार ने बेईमान एजेंसियों को साफ चेतावनी दी है कि ग्राहकों को परेशान करना बर्दाश्त नहीं होगा।

छोटे सिलेंडर और पीएनजी नेटवर्क का विस्तार

ईंधन की सप्लाई के लिए सरकार नए विकल्पों पर जोर दे रही है। पांच किलो वाले छोटे सिलेंडरों की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज हुई है। पिछले तीन दिनों में ऐसे 1.40 लाख सिलेंडर बेचे गए हैं। तेल कंपनियां कैंप लगाकर लोगों को गैस बांट रही हैं। घरों में पीएनजी नेटवर्क को भी तेजी से फैलाया जा रहा है। अब तक 6.75 लाख नए पाइप कनेक्शन लगाए जा चुके हैं। पीएनजी सुविधा मिलने से लोग पुराने कनेक्शन वापस कर रहे हैं।

वैश्विक संकट के बीच सरकार घाटा सहकर भी सस्ती गैस उपलब्ध करा रही है। पेट्रोलियम मंत्रालय की अधिकारी सुजाता शर्मा ने पैनिक बाइंग से बचने को कहा है। सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील दोहराते हुए पेट्रोल डीजल बचाने का आग्रह किया है। लोगों से निजी वाहनों की जगह पब्लिक ट्रांसपोर्ट उपयोग करने को कहा गया है। कारपूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाकर इस मुश्किल समय में देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा दिया जा सकता है।

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