Puducherry News: पुडुचेरी की राजनीति के ‘भीष्म पितामह’ कहे जाने वाले एन रंगासामी एक बार फिर सत्ता के शिखर पर बैठने जा रहे हैं। ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (एआईएनआरसी) के प्रमुख रंगासामी बुधवार यानी 13 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। यह उनके राजनीतिक करियर का पांचवां कार्यकाल होगा। केंद्र शासित प्रदेश में उनकी जबरदस्त लोकप्रियता ने उन्हें एक बार फिर निर्विवाद नेता साबित किया है। पूरे पुडुचेरी में इस समय जश्न का माहौल देखा जा रहा है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार शपथ ग्रहण समारोह का समय सुबह 9 बजकर 47 मिनट तय किया गया है। राजभवन ‘लोक निवास’ में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में उपराज्यपाल के कैलाशनाथन रंगासामी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। समारोह को लेकर प्रशासन ने सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं। रंगासामी का पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनना उनके कुशल राजनीतिक प्रबंधन और जनता के बीच गहरी पैठ का सबसे बड़ा प्रमाण माना जा रहा है।
NDA गठबंधन की प्रचंड जीत और बहुमत का गणित
हालिया विधानसभा चुनावों में एन रंगासामी के नेतृत्व वाले राजग (NDA) गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन किया है। पुडुचेरी की 30 सदस्यीय विधानसभा में गठबंधन ने बहुमत के आंकड़े को आसानी से पार कर लिया है। एनडीए के पास वर्तमान में कुल 18 विधायकों का समर्थन है। रंगासामी की पार्टी एआईएनआरसी ने 16 सीटों पर चुनाव लड़ा और 12 पर जीत हासिल की। उनकी स्ट्राइक रेट ने विपक्षी खेमे को पूरी तरह से बैकफुट पर धकेल दिया है।
गठबंधन की इस जीत में भारतीय जनता पार्टी की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। भाजपा ने 10 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे और 4 सीटों पर जीत दर्ज करने में सफल रही। इसके अलावा गठबंधन के अन्य सहयोगियों एआईएडीएमके और लाचित जननायगा काची ने भी एक-एक सीट जीतकर रंगासामी की ताकत बढ़ाई है। इस एकजुटता ने केंद्र शासित प्रदेश में एक स्थिर और मजबूत सरकार की नींव रखी है। अब सबकी नजरें आगामी विकास योजनाओं पर हैं।
मंत्रिमंडल के स्वरूप पर बना हुआ है सस्पेंस
पुडुचेरी में नई सरकार के गठन के साथ ही अब मंत्रिमंडल के चेहरों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बुधवार को रंगासामी के साथ भाजपा के विधायक भी मंत्री पद की शपथ लेंगे। फिलहाल आधिकारिक तौर पर मंत्रियों की सूची जारी नहीं की गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा और एआईएनआरसी के बीच विभागों के बंटवारे को लेकर गहन चर्चा चल रही है। सस्पेंस अभी बरकरार है।
राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर भी अटकलें हैं कि उपमुख्यमंत्री का पद किसे मिलेगा। भाजपा चाहती है कि उसके कोटे से किसी वरिष्ठ नेता को बड़ी जिम्मेदारी दी जाए। रंगासामी अपने अनुभवी नेतृत्व के साथ सहयोगियों को संतुष्ट रखने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल पहली प्राथमिकता मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह है। मंत्रिमंडल का विस्तार अगले कुछ दिनों में चरणबद्ध तरीके से किए जाने की संभावना है। प्रशासन सुचारू कामकाज के लिए पूरी तरह तैयार है।

