New Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली के कीर्ति नगर इलाके से एक विचलित करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक महिला ‘डॉग लवर’ कीर्ति नगर थाने के ठीक सामने एक निजी सुरक्षा गार्ड की बेरहमी से पिटाई करती नजर आ रही है। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद होने के बावजूद बीच-बचाव करने के बजाय मूकदर्शक बने रहे। इस घटना ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और जनता में भारी आक्रोश है।
कुत्ते की मौत के बाद भड़का विवाद
पुलिस जांच के अनुसार, इस पूरे विवाद की जड़ 7 मई को हुई एक घटना है। आरोप है कि कीर्ति नगर के जे-ब्लॉक में तैनात सुरक्षा गार्ड विनोद पासवान ने एक आवारा कुत्ते को भगाने के लिए उस पर हमला किया था। इस हमले में कुत्ता गंभीर रूप से घायल हो गया था। शिकायतकर्ता तरुण घई के अनुसार, घायल कुत्ते को इलाज के लिए नजफगढ़ ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। हालांकि, पुलिस को अभी तक अस्पताल से इसकी औपचारिक रिपोर्ट नहीं मिली है।
जसमीत कौर ने हाथ में लिया कानून
कुत्ते की मौत की खबर मिलते ही जसमीत कौर नामक महिला अपने कुछ साथियों के साथ थाने पहुंची। वहां उसने आपा खो दिया और थाने के गेट के सामने ही सुरक्षा गार्ड विनोद पर चप्पलों और थप्पड़ों की बौछार कर दी। सरेआम एक गरीब सुरक्षा गार्ड को अपमानित करने और कानून हाथ में लेने के इस अमानवीय व्यवहार की इंटरनेट मीडिया पर कड़ी निंदा हो रही है। लोगों का कहना है कि किसी भी नागरिक को इस तरह मारपीट करने का अधिकार नहीं है।
पुलिस की निष्क्रियता पर उठे सवाल
वायरल वीडियो में पुलिस की भूमिका सबसे ज्यादा विवादों में है। थाने के सामने मारपीट होने के बावजूद पुलिस का कोई ठोस कदम न उठाना लोगों को अखर रहा है। पुलिस उपायुक्त ने कहा है कि कुत्ते पर हमले और थाने के बाहर हुई मारपीट, दोनों मामलों की गहन जांच की जा रही है। हालांकि, पुलिस का यह तर्क कि उन्हें अभी तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है, लोगों के गले नहीं उतर रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स इसे पुलिस का बहाना बता रहे हैं।
मानवीय संवेदनाओं और कानून का उल्लंघन
इंटरनेट मीडिया पर यूजर्स का कहना है कि एक बेबस गार्ड को पीटना महिला की संवेदनहीनता को दर्शाता है। अगर गार्ड ने कोई अपराध किया था, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए थी, न कि सरेआम सड़क पर न्याय। इस घटना ने एक बार फिर पशु प्रेम और मानवीय गरिमा के बीच के संतुलन पर बहस छेड़ दी है। लोगों ने मांग की है कि दिल्ली पुलिस इस मामले में स्वत: संज्ञान लेकर हमलावर महिला के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।
प्रशासनिक जवाबदेही की मांग
इस घटना के बाद कीर्ति नगर थाने के अधिकारियों की जवाबदेही पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का सवाल है कि अगर थाने के सामने ही आम नागरिक सुरक्षित नहीं हैं, तो अन्य इलाकों में क्या स्थिति होगी। सोशल मीडिया पर #DelhiPolice टैग के साथ लोग दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस वीडियो के आधार पर मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
एक वरिष्ठ प्रोफेशनल संपादक के तौर पर, इस घटना को निष्पक्ष रूप से रिपोर्ट करना महत्वपूर्ण है ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।

