Uttar Pradesh News: प्रदेश में मिलावटी खाद्य पदार्थों का काला कारोबार लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बन गया है। मिलावटखोरी के कारण लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं और इलाज पर लाखों रुपये खर्च कर रहे हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए खाद्य विभाग ने कमर कस ली है। विभाग ने शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत पिछले दो दिनों में 10 बड़े प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर घी और तेल के 13 सैंपल एकत्र किए गए हैं।
मिलावटी घी और तेल पर विभाग का कड़ा प्रहार
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने सरसों के तेल और घी की गुणवत्ता जांचने के लिए जिलेभर में सघन चेकिंग अभियान चलाया। सहायक खाद्य आयुक्त सीएल यादव और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी आरपी सिंह के नेतृत्व में चार विशेष टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने सहसवान, बिसौली और दातागंज जैसे प्रमुख इलाकों में औचक निरीक्षण किया। विभाग का मुख्य उद्देश्य बाजार में बिक रहे घटिया तेल और घी की पहचान कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
विशाल मेगा मार्ट और रिलायंस रिटेल से लिए नमूने
छापेमारी के दौरान टीम ने इंदिरा चौक स्थित विशाल मेगा मार्ट से घी और कच्ची घानी सरसों तेल के नमूने लिए। इसके अलावा सहसवान स्थित रिलायंस रिटेल लिमिटेड से मल्टी सोर्स एडिबिल ऑयल और रिफाइंड सोयाबीन तेल के सैंपल भी भरे गए। अधिकारियों ने जालंधरी सराय, वजीरगंज और उसहैत के विभिन्न ट्रेडिंग प्रतिष्ठानों से भी पामोलीन और सरसों तेल के नमूने एकत्र किए। इन सभी सैंपल्स को सील कर प्रयोगशाला में गहन जांच के लिए तत्काल भेज दिया गया है।
साफ-सफाई और लाइसेंस को लेकर सख्त हिदायत
जांच के साथ-साथ खाद्य अधिकारियों ने दुकानदारों को कड़े दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सभी खाद्य पदार्थों को पूरी तरह ढककर रखा जाए और दुकानों में स्वच्छता का विशेष ध्यान दिया जाए। गुणवत्ता और शुद्धता के मानकों से समझौता करने वालों को चेतावनी दी गई है। इसके अतिरिक्त बिना वैध लाइसेंस के संचालित होने वाले प्रतिष्ठानों पर तालाबंदी की जाएगी। विभाग ने साफ किया कि बिना मानक वाली सामग्री बेचने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
जांच रिपोर्ट आने के बाद होगी कड़ी कार्रवाई
खाद्य विभाग के इस दो दिवसीय विशेष अभियान ने मिलावटखोरों के बीच हड़कंप मचा दिया है। अधिकारियों ने केवल प्रमुख खाद्य तेलों और घी पर ही ध्यान केंद्रित किया ताकि जांच की सटीकता बनी रहे। सहायक खाद्य आयुक्त ने बताया कि सभी 13 सैंपलों की रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। यदि किसी भी नमूने में मिलावट या हानिकारक तत्व पाए जाते हैं, तो संबंधित दुकानदारों और कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।

