ममता सरकार ने क्यों रोकी डॉ. कुमार विश्वास की राम कथा? तीन बार कैंसिल हुए कार्यक्रम का बड़ा खुलासा

West Bengal News: मशहूर कवि और प्रख्यात राम कथा वाचक डॉ. कुमार विश्वास ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कोलकाता में आयोजित होने वाली उनकी राम कथा को प्रशासन ने तीन बार अनुमति देने के बाद रद्द कर दिया। कुमार विश्वास ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि छह महीने पहले से की गई बुकिंग को ऐन मौके पर ‘अपरिहार्य कारणों’ का हवाला देकर निरस्त कर दिया गया था।

धोनो धान्य ऑडिटोरियम की बुकिंग और अचानक कैंसिलेशन

डॉ. कुमार विश्वास के अनुसार, कोलकाता के प्रतिष्ठित धोनो धान्य ऑडिटोरियम को राम कथा के लिए छह महीने पहले ही बुक कर लिया गया था। आयोजन से चार महीने पहले सभी अतिथियों के हवाई टिकट और होटल बुक हो चुके थे। विज्ञापनों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया गया। लेकिन कथा शुरू होने से कुछ दिन पहले आयोजकों को सूचना मिली कि प्रशासन ने कार्यक्रम रद्द कर दिया है। प्रशासन ने इसका कोई ठोस कारण नहीं बताया और इसे केवल एक औपचारिक प्रक्रिया करार दिया।

तीन अलग-अलग जगहों पर अनुमति हुई निरस्त

पहला ऑडिटोरियम कैंसिल होने के बाद आयोजकों ने दूसरे स्थान की तलाश शुरू की और एक अन्य ऑडिटोरियम बुक किया। हैरान करने वाली बात यह रही कि वहां से भी बुकिंग निरस्त कर दी गई। अंत में एक आयोजक ने अपने निजी बैंक्वेट हॉल में कथा कराने का प्रस्ताव रखा। पुलिस प्रशासन से इसकी लिखित अनुमति भी ले ली गई थी। लेकिन बुकिंग के मात्र दो घंटे बाद ही पुलिस ने उस निजी स्थान पर भी कार्यक्रम करने से साफ मना कर दिया।

राज्य के डीजीपी से बातचीत का चौंकाने वाला अंश

कुमार विश्वास ने बताया कि बार-बार हो रहे अवरोधों के बाद उन्होंने स्वयं पश्चिम बंगाल के डीजीपी पीयूष पांडेय से संपर्क किया। विश्वास के अनुसार, डीजीपी ने अपनी लाचारी व्यक्त करते हुए कहा कि वह एक नौकरशाह हैं और खुलकर कुछ नहीं बोल सकते। हालांकि, अधिकारी ने यह भी स्वीकार किया कि वह व्यक्तिगत रूप से कुमार विश्वास की राम कथा सुनते हैं। जब आयोजकों ने कानूनी रास्ता अपनाने या कोर्ट जाने की बात कही, तो कुमार विश्वास ने आध्यात्मिक जवाब देकर सबको मौन कर दिया।

मार्च में होने वाले तीन बड़े कार्यक्रम भी हुए प्रभावित

कोलकाता में 1 और 2 मार्च को कुमार विश्वास के तीन प्रमुख कार्यक्रम निर्धारित थे। इनमें महाराजा अग्रसेन धाम और इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) के कार्यक्रम शामिल थे। प्रशासन के कड़े रुख के कारण ये सभी बड़े आयोजन अचानक निरस्त करने पड़े। विश्वास ने तंज कसते हुए आयोजकों से कहा कि अब वे 9 मई की तारीख के लिए ऑडिटोरियम बुक करें। सोशल मीडिया पर कुमार विश्वास का यह बयान अब तेजी से वायरल हो रहा है।

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