Jharkhand News: गोड्डा-महगामा-पीरपैंती रेल परियोजना के निर्माण कार्य ने अब तेज रफ्तार पकड़ ली है। पहले चरण में गोड्डा से महगामा के बीच रेलवे लाइन बिछाने का काम शुरू हो गया है। गोड्डा प्रखंड के दियारा, नेपूरा और पंचकाठी मौजा में पटरियां बिछाई जा रही हैं। अधिग्रहित जमीन के चारों ओर बाउंड्री का निर्माण भी हो रहा है। इस परियोजना से पूरे इलाके की आर्थिक स्थिति सुधरेगी। पथरगामा और महगामा रेलवे मानचित्र पर आएंगे।
दूसरे चरण में पीरपैंती तक बिछेगा जाल
महगामा तक काम पूरा होने के बाद दूसरे चरण की शुरुआत होगी। इसमें महगामा से पीरपैंती तक रेलवे ट्रैक बिछाने का काम किया जाएगा। गोड्डा और पीरपैंती के बीच कुल 62 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछनी है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक अगले बीस दिनों में मिट्टी का काम शुरू हो जाएगा। मिट्टी भराई होते ही पटरियां बिछाने की गति तेज होगी। रेलवे ने निर्माण स्थल पर जरूरी सामग्री पहुंचानी शुरू कर दी है। इससे निर्माण कार्य बिना किसी बाधा के चलता रहेगा।
वर्ष 2029 तक परियोजना पूरी होने का लक्ष्य
इस रेल परियोजना को साल 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है। रेलवे ने निर्माण के लिए अधिकांश जमीन का अधिग्रहण कर लिया है। कुछ सरकारी जमीन के मामलों में अभी तकनीकी पेच फंसा है। प्रशासन इसे जल्द सुलझाने का प्रयास कर रहा है। गोड्डा से महगामा के बीच कुल तीन नए रेलवे स्टेशन बनेंगे। इनमें नेपूरा, पथरगामा और महगामा स्टेशन शामिल हैं। इसके अलावा घाट बलिया को भी स्टेशन के रूप में विकसित करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
पूर्वी भारत से सीधा जुड़ेगा गोड्डा जिला
महगामा तक रेलवे लाइन बिछने के बाद इसे आगे बटेश्वर तक ले जाया जाएगा। इसके लिए गंगा नदी पर एक विशाल रेल पुल का निर्माण कार्य पहले ही शुरू हो चुका है। पीरपैंती तक रेलवे नेटवर्क का यह जाल पूरी तरह बिछ जाने के बाद गोड्डा सीधे पूर्वी भारत से जुड़ जाएगा। इससे यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। माल ढुलाई आसान होने से स्थानीय व्यापार को भी काफी बढ़ावा मिलेगा। लोगों का सफर सुहाना होगा।
सांसद की विशेष पहल से दूर हुईं अड़चनें
गोड्डा-पीरपैंती रेल परियोजना को असल रफ्तार सांसद डॉ. निशिकांत दुबे के प्रयासों से मिली है। कुछ अड़चनों के कारण महगामा तक रेल लाइन ले जाने का मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। इसके बाद सांसद ने विशेष पहल करके रेलवे लाइन बिछाने का नया रास्ता साफ किया। अब भारतीय रेलवे ही इस पूरे प्रोजेक्ट का खर्च उठा रहा है। इंजीनियर हेमंत मिश्रा ने बताया कि साइट पर फाउंडेशन और टेस्टिंग का काम तेजी से चल रहा है।
