देवभूमि कुल्लू में सरेआम फूहड़ डांस: ‘वैली फंक्शन’ में कपड़े उतारकर नाचे युवक, भड़के लोग, प्रशासन पर उठे सवाल

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले से एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है। यहां एक ‘वैली फंक्शन’ के दौरान कुछ युवाओं ने अश्लील डांस किया। देवभूमि में इस तरह की घटना से लोगों में भारी आक्रोश है। सोशल मीडिया पर इस फूहड़ डांस का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। स्थानीय लोग और देव समाज इस घटना की कड़ी निंदा कर रहे हैं। प्रशासन और आयोजकों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

मंच के सामने युवाओं ने पार की सारी हदें

कुल्लू में दो दिन पहले एक ‘वैली फंक्शन’ का आयोजन हुआ था। इस कार्यक्रम में भारी संख्या में भीड़ जमा थी। इसी दौरान कुछ युवक और युवतियों ने मंच के सामने भड़काऊ डांस शुरू कर दिया। हद तो तब हो गई जब कुछ युवकों ने अपने कपड़े उतार दिए। वे सरेआम फूहड़ तरीके से नाचने लगे। वीडियो में एक युवती भी अश्लील इशारे करते हुए डांस कर रही है। भीड़ ने उन्हें रोकने के बजाय वीडियो बनाना शुरू कर दिया।

देव संस्कृति शोध संस्था ने जताई कड़ी आपत्ति

इस शर्मनाक घटना पर देव समाज से जुड़े लोग भड़क गए हैं। देव संस्कृति शोध संस्था के अध्यक्ष जय ठाकुर ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह वीडियो भले ही किसी कॉलेज के कार्यक्रम का हो, लेकिन सार्वजनिक फूहड़ता गलत है। जय ठाकुर ने स्पष्ट किया कि कुल्लू की संस्कृति हमारे आचरण में भी दिखनी चाहिए। ऐसे आयोजनों में इस तरह का प्रदर्शन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का सीधा अपमान है।

आयोजकों और जिला प्रशासन की भूमिका कटघरे में

वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोग आयोजकों पर भड़क गए हैं। जब प्रशासन ऐसे सार्वजनिक कार्यक्रमों की अनुमति देता है, तो शालीनता बनाए रखना आयोजकों की जिम्मेदारी है। लोगों का सीधा आरोप है कि ‘वैली फंक्शन’ के नाम पर युवाओं को गुमराह किया जा रहा है। चंद पैसों के मुनाफे के लिए हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक मर्यादाओं को तोड़ा जा रहा है। लोग अब प्रशासन से आयोजकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

देवभूमि की गरिमा को ठेस पहुंचने से भारी रोष

हिमाचल प्रदेश को दुनिया भर में ‘देवभूमि’ के नाम से जाना जाता है। यहां की असली पहचान कुल्लू नाटी जैसे पारंपरिक लोक नृत्य और धार्मिक आस्था है। देव समाज का कहना है कि कुल्लू घाटी में ऐसे अश्लील कार्यक्रमों के लिए कोई जगह नहीं है। पश्चिमी सभ्यता की अंधी दौड़ में कुछ युवा अपनी मर्यादा भूल रहे हैं। इस घटना ने समाज के बुद्धिजीवी वर्ग को सोचने पर मजबूर कर दिया है। पुलिस को भी इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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