Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों का बिगुल बजने वाला है। राज्य निर्वाचन आयोग आज सोमवार को चुनावी कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा कर सकता है। प्रशासन ने स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान के लिए 22 हजार मतदान केंद्र स्थापित करने का फैसला लिया है। प्रदेश में लोकतंत्र के इस जमीनी पर्व को संपन्न करने के लिए करीब 50 हजार सरकारी कर्मचारियों की फौज तैनात की जाएगी। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कुल 31,677 जन प्रतिनिधियों का भविष्य तय होगा।
तीन चरणों में होगा पंचायती राज संस्थाओं का चुनाव
राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए विस्तृत योजना तैयार की है। पंचायती राज संस्थाओं के लिए मतदान तीन अलग-अलग चरणों में आयोजित किया जाएगा। वहीं, शहरी निकायों के लिए वोट डालने की प्रक्रिया केवल एक ही चरण में पूरी की जाएगी। आयोग का मुख्य लक्ष्य मतदाताओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। इसके लिए सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने सभी जिला अधिकारियों के साथ तैयारियों की अंतिम समीक्षा कर ली है।
31 मई से पहले चुनाव संपन्न कराने की चुनौती
सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग को कड़े निर्देश दिए हैं। आदेश के मुताबिक, स्थानीय निकायों के चुनाव हर हाल में 31 मई से पहले पूरे करने होंगे। इसी डेडलाइन को ध्यान में रखते हुए आयोग ने युद्ध स्तर पर तैयारियां की हैं। प्रदेश की चार प्रमुख नगर निगमों—धर्मशाला, सोलन, मंडी और पालमपुर समेत कुल 53 शहरी निकायों में घमासान होगा। इसके साथ ही 3,558 ग्राम पंचायतों के प्रधान और अन्य पदों के लिए भी मतदान होगा।
जिलेवार सीटों का गणित और बड़ी जिम्मेदारी
हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों में वार्ड पंच से लेकर जिला परिषद सदस्यों तक की हजारों सीटें दांव पर हैं। कांगड़ा जिला सबसे अधिक 4,854 वार्डों के साथ चुनावी केंद्र बना हुआ है। वहीं, मंडी में 3,305 और शिमला में 2,405 वार्डों पर मतदान होगा। पूरे प्रदेश में 21,678 वार्ड पंच, 1,769 ब्लॉक समिति सदस्य और 251 जिला परिषद सदस्यों का चयन मतदाता करेंगे। प्रशासन ने पारदर्शी चुनाव के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय कर दी है।
संवेदनशील केंद्रों पर रहेगी पुलिस की तीसरी आंख
चुनाव आयोग ने सभी जिलों के उपायुक्तों को एक विशेष कार्यभार सौंपा है। प्रशासन को अपने क्षेत्रों में संवेदनशील और अति-संवेदनशील मतदान केंद्रों की सूची तैयार करने को कहा गया है। इन केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी रहेगी। सुरक्षा कर्मियों की तैनाती इसी रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। संवेदनशील क्षेत्रों में अर्धसैनिक बलों की तैनाती पर भी विचार किया जा रहा है।
चुनाव की विस्तृत जिलेवार स्थिति पर एक नजर
हिमाचल के 12 जिलों में चुनावी बिसात बिछ चुकी है। बिलासपुर में 14 जिला परिषद वार्ड और 1140 ग्राम पंचायत वार्ड हैं। चंबा में 18 जिप वार्ड और 1793 पंचायत वार्डों पर मुकाबला होगा। कुल्लू, सिरमौर, सोलन और ऊना जैसे जिलों में भी चुनावी हलचल तेज है। जनजातीय क्षेत्रों किन्नौर और लाहुल-स्पीति में भी क्रमशः 420 और 242 वार्डों के लिए मतदाता अपने अधिकार का प्रयोग करेंगे। आज शेड्यूल जारी होते ही पूरे प्रदेश में चुनावी आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी।
