Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में चर्चित चेस्टर हिल्स विवाद ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। राज्य के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने इस मामले में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने शुरुआती जांच में धारा 118 के बड़े उल्लंघन की आशंका जताई है। यह पूरा मामला करीब डेढ़ सौ बीघा जमीन और तीन सौ करोड़ रुपये के भारी निवेश से जुड़ा है। सुक्खू सरकार इस पूरे विवाद की बेहद गंभीरता और निष्पक्षता के साथ जांच करवा रही है।
मनी लॉन्ड्रिंग की तरफ घूम रही जांच की सुई
राजस्व मंत्री नेगी ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि जिस स्थानीय व्यक्ति के नाम पर यह बेशकीमती जमीन खरीदी गई है, उसकी इतनी आमदनी ही नहीं है। अगर किसान की आय कम पाई जाती है, तो यह सीधा मनी लॉन्ड्रिंग का गंभीर मामला बन जाता है। फिलहाल सोलन के उपायुक्त इस जटिल मामले की बारीकी से जांच कर रहे हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि बहुत जल्द इस पूरी जांच की विस्तृत रिपोर्ट सामने आ जाएगी।
बड़े अधिकारियों की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल
इस हाई प्रोफाइल मामले में राज्य के मुख्य सचिव संजय गुप्ता की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने भी वहां जमीन खरीदी थी। उनके खिलाफ थाने में एक लिखित शिकायत भी दी गई है, लेकिन अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। मंत्री नेगी ने स्पष्ट किया कि मुख्य सचिव द्वारा जांच रोकने के कथित आदेशों की भी पूरी पड़ताल की जा रही है। सरकार हर पहलू को खंगाल रही है।
एसडीएम की रिपोर्ट ने खोली फर्जीवाड़े की पोल
इससे पहले उपमंडलाधिकारी ने भी अपनी प्रारंभिक जांच में इस पूरे प्रोजेक्ट पर गहरे सवाल उठाए थे। रिपोर्ट में साफ कहा गया था कि किसान की आर्थिक हैसियत करोड़ों की जमीन खरीदने की बिल्कुल नहीं है। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि कंपनी का एक प्रमोटर खुद इस किसान के बैंक लोन में गारंटर बना हुआ है। यह तथ्य पूरी खरीद प्रक्रिया को अत्यधिक संदिग्ध बनाता है। संबंधित विभाग सभी कागजातों की गहनता से जांच कर रहे हैं।
रेरा ने प्रमोटरों पर लगाया सत्तर लाख का भारी जुर्माना
इस भारी विवाद के बीच हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी ने भी कड़ी कार्रवाई की है। रेरा ने चेस्टर हिल्स के प्रमोटरों पर सत्तर लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। जांच में पाया गया कि प्रमोटरों ने खातों के रखरखाव और खर्च में भारी वित्तीय अनियमितताएं की हैं। उन्होंने तय नियमों का सीधा उल्लंघन किया है। रेरा और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग अपने स्तर पर स्वतंत्र जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने पर सभी तथ्य सार्वजनिक होंगे।
