Karnataka News: कर्नाटक के बेंगलुरु में एक खौफनाक मर्डर केस ने पहचान की चोरी (Identity Theft) के खतरों को उजागर किया है। 18 सितंबर, 2024 को 23 वर्षीय रेवंत कुमार का शव चाकू के कई घावों के साथ मिला था। जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक मोबाइल नंबर लगा, जो 36 वर्षीय किसान एलएस पुनीत के नाम पर दर्ज था। हत्या के शक में पुनीत को मुख्य संदिग्ध मान लिया गया, जिससे उनके जीवन में भूचाल आ गया। हालांकि, सचाई यह थी कि पुनीत का उस नंबर से कोई लेना-देना नहीं था।
वोटर आईडी का दुरुपयोग और साजिश
जांच में खुलासा हुआ कि लगभग एक दशक पहले पुनीत के नाम पर जाली दस्तावेजों का उपयोग करके सिम लिया गया था। पुनीत ने पुलिस को बताया कि उन्होंने कभी ऐसा कोई नंबर नहीं खरीदा। पुलिस ने गहन छानबीन के बाद पाया कि जनवरी 2015 में सरजापुरा की एक दुकान से पुनीत के वोटर आईडी कार्ड पर किसी और की फोटो लगाकर सिम जारी कराया गया था। पुनीत को अंततः क्लीन चिट मिल गई, लेकिन इस घटना ने आम जनता के लिए एक बड़ा सबक छोड़ दिया है।
पहचान के दस्तावेजों को सुरक्षित रखना जरूरी
इस मामले से सबक लेते हुए आपको अपने दस्तावेजों को लेकर बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। आज के डिजिटल दौर में पहचान पत्र का दुरुपयोग किसी भी निर्दोष व्यक्ति को सलाखों के पीछे पहुंचा सकता है। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि आप अपने पहचान दस्तावेजों को कभी भी असुरक्षित न छोड़ें। सिम कार्ड खरीदने के लिए हमेशा अधिकृत और भरोसेमंद दुकानों का ही चुनाव करें। सड़क किनारे टेंट लगाकर सिम बेचने वालों या संदिग्ध छोटी दुकानों से बचने में ही आपकी भलाई है।
आधार बायोमेट्रिक को कैसे करें लॉक
पहचान की सुरक्षा के लिए आजकल आधार का उपयोग सबसे अधिक होता है। जालसाजों से बचने के लिए अपने बायोमेट्रिक्स को लॉक करके रखना एक प्रभावी तरीका है। ‘mAadhaar’ ऐप के जरिए आप घर बैठे अपने फिंगरप्रिंट और आईरिस डेटा को लॉक कर सकते हैं। जब बायोमेट्रिक लॉक होता है, तो कोई भी व्यक्ति आपकी अनुमति या जानकारी के बिना आपके नाम पर नया सिम कार्ड या बैंक खाता नहीं खुलवा सकता। यह सुरक्षा चक्र आपको कई कानूनी पचड़ों से बचा सकता है।
संचाल साथी ऐप से जांचें अपने नाम के सिम
आपके नाम पर कुल कितने मोबाइल कनेक्शन चल रहे हैं, इसकी जानकारी होना अनिवार्य है। भारत सरकार के ‘संचार साथी’ (Sanchar Saathi) पोर्टल और ऐप की मदद से आप इसे आसानी से चेक कर सकते हैं। इसके लिए आपको पोर्टल पर ‘Know Mobile Connections in Your Name’ विकल्प पर जाना होगा। वहां अपना मोबाइल नंबर और ओटीपी दर्ज करते ही आपके नाम पर सक्रिय सभी नंबरों की सूची आ जाएगी। अगर कोई नंबर संदिग्ध लगे, तो उसे तुरंत बंद करने का अनुरोध करें।
फर्जी सिम और अपराध से बचाव के तरीके
- हमेशा अधिकृत टेलीकॉम आउटलेट से ही नया सिम कार्ड खरीदें।
- आधार ई-केवाईसी (e-KYC) के समय बायोमेट्रिक देने से पहले उद्देश्य स्पष्ट करें।
- नियमित रूप से संचार साथी पोर्टल पर जाकर अपने नाम के सक्रिय कनेक्शन चेक करें।
- सोशल मीडिया या अनजान ईमेल पर अपने पहचान दस्तावेजों की कॉपी साझा न करें।
- यदि आपका सिम कार्ड अचानक बंद हो जाए, तो तुरंत ऑपरेटर से संपर्क करें।
- वोटर आईडी या अन्य दस्तावेजों की फोटोकॉपी देते समय उन पर उद्देश्य लिखकर क्रॉस मार्क जरूर लगाएं।


