New Delhi News: अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से जाने वाले यात्रियों को बड़ा झटका लगा है। तेल कंपनियों ने लगातार दूसरे महीने एटीएफ की कीमतों में भारी इजाफा किया है। इस नई बढ़ोतरी से अब विदेशी यात्रा करना काफी महंगा हो जाएगा। हालांकि, घरेलू उड़ानों के यात्रियों को फिलहाल एक बड़ी राहत मिली है। घरेलू एयरलाइंस के लिए जेट फ्यूल की कीमतों में मई में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इंडियन ऑयल के अनुसार, कंपनियां खुद कच्चे तेल की बढ़ती लागत का पूरा बोझ उठा रही हैं।
कमर्शियल सिलेंडर ने बिगाड़ा बजट
विदेशी उड़ानों के अलावा आम जनता को महंगाई का एक और तगड़ा झटका लगा है। औद्योगिक और कमर्शियल क्षेत्रों में गैस की कीमतों में भारी संशोधन हुआ है। होटल और रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में सीधा 993 रुपये का बड़ा उछाल आया है। इस भारी बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की नई कीमत 3,071.50 रुपये हो गई है। इसका सीधा असर खाने-पीने की चीजों पर पड़ेगा।
घरेलू गैस और पेट्रोल-डीजल पर राहत
कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने के बावजूद आम घरों की रसोई गैस पर राहत है। तेल कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। इसके साथ ही देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी जस की तस बनी हुई हैं। इन जरूरी ईंधन की कीमतों के स्थिर रहने से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। आपको बता दें कि देश में एटीएफ की कीमतें हर महीने की पहली तारीख को लागत के आधार पर तय होती हैं।
घरेलू यात्रियों को कैसे मिला फायदा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। इसके बावजूद भारतीय तेल कंपनियों ने देश के भीतर हवाई सफर करने वाले यात्रियों का पूरा ध्यान रखा है। इंडियन ऑयल के अनुसार इनपुट कॉस्ट का अतिरिक्त भार कंपनियां खुद उठा रही हैं। इसी वजह से घरेलू मार्गों पर उड़ान भरने वाले विमानों के लिए ईंधन के दाम नहीं बढ़े हैं। इससे आने वाले समय में देश के अंदर यात्रा करने वाले आम पर्यटकों का यात्रा बजट बिल्कुल भी खराब नहीं होगा।


