Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में सरकाघाट कॉलेज की छात्रा सिया गुलेरिया की नृशंस हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। इस दुखद घटना के बाद पहली बार मीडिया के सामने आए पीड़ित पिता और चाचा ने रोते हुए न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उनकी बेटी के हत्यारे को फांसी की सजा दी जाए। इस मामले में पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया है, जिससे गहन पूछताछ की जा रही है।
बेटी के लिए पिता की दर्दभरी पुकार: ‘फांसी से कम कुछ मंजूर नहीं’
सिया के पिता नरेंद्र गुलेरिया और चाचा रामलाल ने नम आंखों से बताया कि उनकी बेटी बेहद सरल स्वभाव की थी। उन्होंने कहा कि सिया के अचानक जाने से परिवार पर असहनीय पीड़ा का पहाड़ टूट पड़ा है। पीड़ित पिता ने कड़े शब्दों में मांग की है कि आरोपी को फांसी दी जाए ताकि भविष्य में कोई अपराधी ऐसा दुस्साहस न कर सके। परिजनों का मानना है कि केवल सख्त सजा ही समाज में कानून के प्रति डर पैदा कर सकती है।
साजिश के हर पहलू की जांच और निष्पक्ष न्याय की मांग
परिजनों ने पुलिस प्रशासन से अपील की है कि इस हत्याकांड की जांच केवल एक आरोपी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने आशंका जताई है कि इस जघन्य अपराध में अन्य लोग भी संलिप्त हो सकते हैं। चाचा रामलाल ने कहा कि मामले की जांच पूरी तरह निष्पक्ष और गहराई से होनी चाहिए। यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसे भी तत्काल हिरासत में लेकर कड़ी सजा दी जानी चाहिए ताकि न्याय अधूरा न रहे।
महिला संगठनों का फूटा गुस्सा: न्याय के लिए सड़क पर उतरीं महिलाएं
घटना के विरोध में महिला जनवादी समिति और हिमाचल ज्ञान-विज्ञान समिति से जुड़ी महिलाओं ने सरकाघाट में कड़ा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सिया रोज इसी रास्ते से कॉलेज जाती थी, जहां उसके साथ यह खौफनाक वारदात हुई। इस घटना ने पूरे क्षेत्र की छात्राओं और महिलाओं के मन में असुरक्षा और भय का माहौल पैदा कर दिया है। महिला संगठनों ने सामूहिक स्वर में दोषी के लिए मृत्युदंड की मांग करते हुए प्रशासन को चेतावनी दी है।
जल्द सुनवाई और कड़े कानून की सख्त जरूरत
विभिन्न सामाजिक संगठनों ने प्रदेश सरकार से अपील की है कि इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाए। उनका कहना है कि जघन्य अपराधों में देरी से न्याय मिलना अपराधियों के हौसले बुलंद करता है। संगठनों ने मांग की है कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द इंसाफ मिले ताकि न्याय व्यवस्था पर जनता का विश्वास बना रहे। समाज के सभी वर्गों ने इस घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़े होकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का समर्थन किया है।
