Chamba News: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में आगामी नगर निकाय और पंचायती राज चुनावों को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। जिला दंडाधिकारी मुकेश रेपसवाल ने जिले की संपूर्ण सीमा में हथियारों के प्रदर्शन और आवागमन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत यह कड़े आदेश जारी किए गए हैं। चुनाव प्रक्रिया के आधिकारिक रूप से समाप्त होने तक यह पाबंदी जिले भर में पूरी तरह प्रभावी रहेगी।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य चुनाव के दौरान जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखना और मतदाताओं को सुरक्षा का अहसास दिलाना है। अब कोई भी व्यक्ति या संगठन सार्वजनिक स्थानों पर आग्नेयास्त्र, गोला-बारूद या विस्फोटक सामग्री नहीं ले जा सकेगा। आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद यह कदम उठाना अनिवार्य हो गया था। जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए प्रशासन किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं करेगा।
इन लोगों को मिली है प्रतिबंध से विशेष छूट
हालांकि प्रशासन ने कुछ विशेष श्रेणियों को इन प्रतिबंधों से बाहर रखा है। ड्यूटी पर तैनात सशस्त्र बल, पुलिस कर्मी, होमगार्ड और बैंकों के अधिकृत सुरक्षा गार्ड हथियार साथ रख सकेंगे। साथ ही एनआरएआई से मान्यता प्राप्त खिलाड़ियों को भी पूर्व निर्धारित प्रतियोगिताओं के लिए छूट दी गई है। जो लोग अपने हथियार पुलिस स्टेशनों में जमा कराने जा रहे हैं, उन पर भी यह रोक लागू नहीं होगी। अन्य सभी नागरिकों के लिए नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने नागरिकों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की भावुक अपील की है। पुलिस की विशेष टीमें अब सार्वजनिक स्थलों और जिला सीमाओं पर कड़ी निगरानी रख रही हैं। इस आदेश का उद्देश्य चुनावी हिंसा को रोकना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बिना किसी डर के संपन्न कराना है। चंबा जिले के हर कोने में पुलिस बल तैनात किया गया है।
चुनावी माहौल में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि घातक हथियारों के साथ पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज होगी। जनता की सुरक्षा के मद्देनजर चंबा के चप्पे-चप्पे पर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा करना उनकी पहली प्राथमिकता है। सभी संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की गई है।


