Health News: रात में सोने के बाद अगर अचानक डरावने सपने, बेचैनी या अजीब घटनाएं महसूस होती हैं, तो इसे हल्के में न लें। सुबह उठने पर थकान और दिमाग भारी रहना किसी गंभीर समस्या की ओर इशारा कर सकता है। यह सिर्फ तनाव या थकान नहीं हो सकता। कई बार शरीर में कुछ जरूरी पोषक तत्वों, खासकर विटामिन B12 की कमी के कारण नींद का चक्र बिगड़ जाता है और बुरे सपने आने लगते हैं।
B12 की कमी से REM स्लीप होती है प्रभावित
विटामिन B12 दिमाग और नर्वस सिस्टम के लिए बेहद जरूरी होता है। इसकी कमी से दिमाग की गतिविधियां असंतुलित हो जाती हैं। खासतौर पर REM (रैपिड आई मूवमेंट) स्लीप फेज में गड़बड़ी होती है। यह नींद का वह चरण है जब जीवंत और डरावने सपने आते हैं। B12 की कमी से थकान, चक्कर आना और ध्यान न लगना भी हो सकता है। अंडा, दूध, दही, पनीर और मछली जैसे खाद्य पदार्थ B12 की पूर्ति करते हैं। डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट भी लिए जा सकते हैं।
B6, D और मैग्नीशियम की कमी भी है जिम्मेदार
विटामिन B6 दिमाग में सेरोटोनिन और मेलाटोनिन बनाने में मदद करता है। ये दोनों नींद और मूड को नियंत्रित करते हैं। B6 की कमी से सपने तीव्र और असामान्य हो सकते हैं। विटामिन D की कमी से नींद का पैटर्न बिगड़ता है। वहीं मैग्नीशियम नर्व्स को रिलैक्स रखता है। इसकी कमी से नींद हल्की और अस्थिर हो जाती है। इन पोषक तत्वों का संतुलन सपनों को सामान्य रखता है और नींद की गुणवत्ता बेहतर बनाता है।
बुरे सपनों के ये भी हो सकते हैं कारण
सिर्फ विटामिन की कमी ही नहीं, बल्कि ज्यादा तनाव और चिंता भी बुरे सपनों को बुलावा देती है। सोने से पहले मोबाइल या स्क्रीन का अधिक उपयोग, कैफीन या चाय-कॉफी का रात में सेवन भी समस्या बढ़ाता है। नींद का अनियमित समय, देर रात तक जागना और ओवरथिंकिंग भी इसके लिए जिम्मेदार हैं। खराब लाइफस्टाइल सीधे नींद को प्रभावित करती है। सही खानपान, नियमित नींद और मानसिक शांति पर ध्यान देने से बुरे सपनों की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। अगर समस्या बनी रहे तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
