California News: स्वस्थ रहने के लिए फल और हरी सब्जियों का सेवन सबसे उत्तम माना जाता है, लेकिन एक हालिया रिसर्च ने पूरी दुनिया को डरा दिया है। ‘यूनिवर्सिटी ऑफ Southern California’ के वैज्ञानिकों ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया है कि फल और सब्जियों पर मौजूद कीटनाशकों (Pesticides) का सेवन कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का कारण बन सकता है। यह रिसर्च विशेष रूप से उन लोगों के लिए चेतावनी है जो अपनी डाइट को पूरी तरह सुरक्षित और हेल्दी मानते हैं।
रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा: बिना स्मोकिंग के भी हो रहा कैंसर
अमेरिकन एसोसिएशन फॉर कैंसर रिसर्च (AACR) की वार्षिक बैठक 2026 में प्रस्तुत की गई इस स्टडी ने चिकित्सा जगत में खलबली मचा दी है। वैज्ञानिकों ने 50 साल से कम उम्र के उन मरीजों के डेटा का बारीकी से विश्लेषण किया, जिन्हें फेफड़ों का कैंसर (Lung Cancer) हुआ था, जबकि उन्होंने कभी स्मोकिंग नहीं की थी। जांच में पाया गया कि सामान्य डाइट लेने वाले इन लोगों के शरीर में कीटनाशकों के हानिकारक अंश मौजूद थे, जो सीधे तौर पर कैंसर कोशिकाओं को बढ़ावा दे रहे थे।
केमिकल्स का धीमा जहर और विशेषज्ञों की राय
वैज्ञानिकों का स्पष्ट कहना है कि समस्या प्राकृतिक फल या सब्जियों में नहीं, बल्कि खेती के दौरान इस्तेमाल होने वाले घातक रसायनों में है। डॉ. जॉर्ज नीवा (Jorge Nieva) के अनुसार, कीटनाशकों का लगातार एक्सपोजर हमारे शरीर के आंतरिक अंगों पर बुरा असर डालता है। लंबे समय तक इन रसायनों का सेवन करने से कोशिकाएं डैमेज होने लगती हैं, जो आगे चलकर ट्यूमर का रूप ले लेती हैं। यह अध्ययन उन शुरुआती संकेतों की ओर इशारा करता है जिन्हें अब तक नजरअंदाज किया जा रहा था।
महिलाओं में बढ़ा फेफड़ों के कैंसर का जोखिम
इस रिपोर्ट में एक और चिंताजनक ट्रेंड सामने आया है कि नॉन-स्मोकर्स में लंग्स कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि पुरुषों की तुलना में महिलाएं इस खतरे की चपेट में ज्यादा आ रही हैं। बिना किसी तंबाकू सेवन के भी फेफड़ों का संक्रमण और कैंसर होना यह दर्शाता है कि हमारा भोजन अब शुद्ध नहीं रह गया है। अनहेल्दी लाइफस्टाइल के साथ-साथ रसायनों का यह मेल सेहत के लिए एक ‘टाइम बम’ की तरह काम कर रहा है।
कैसे करें बचाव: एक्सपर्ट्स ने दी महत्वपूर्ण सलाह
फल और सब्जियों का सेवन पूरी तरह बंद करना मुमकिन नहीं है, क्योंकि ये शरीर के लिए अनिवार्य पोषक तत्व प्रदान करते हैं। हालांकि, आप सावधानी बरतकर खतरे को कम कर सकते हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि फल और सब्जियों को इस्तेमाल करने से पहले उन्हें सादे पानी के बजाय नमक वाले पानी में कम से कम 30 मिनट के लिए भिगोकर छोड़ दें। यह प्रक्रिया सतह पर चिपके अधिकांश कीटनाशकों और हानिकारक केमिकल्स को हटाने में प्रभावी साबित होती है।
सुरक्षित खान-पान के लिए जरूरी उपाय
सिर्फ पानी से धोना ही काफी नहीं है, बल्कि कोशिश करें कि आप छिलके वाले फलों का सेवन छीलकर ही करें। यदि संभव हो, तो जैविक या ‘ऑर्गेनिक’ उत्पादों को प्राथमिकता दें, जिनमें रासायनिक खाद का उपयोग नहीं होता। बिना धोए किसी भी फल या कच्ची सब्जी का सेवन करना आपके लीवर और फेफड़ों के लिए घातक हो सकता है। जागरूकता और सही सफाई के तरीके ही आपको इस अनचाहे ‘केमिकल अटैक’ से बचा सकते हैं और आपकी सेहत को सुरक्षित रख सकते हैं।
